-प्रदेश में इस साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
जयपुर. सीएम भजनलाल शर्मा ने हरित राजस्थान के संकल्प के साथ कहा कि प्रदेश में इस साल 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है और अब समय आ गया है कि हम उसे उसका हक लौटाएं। उन्होंने प्रदेशवासियों से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के बिना भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील की है कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं। मुख्यमंत्री कांस्टीट्यूशन क्लब में पर्यावरण संरक्षण को लेकर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के झालाना स्थित विश्व वानिकी वृक्ष उद्यान में बरगद का पौधा लगाकर हरियालो राजस्थान और एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन के लिए आवश्यक हर संसाधन उपलब्ध कराती है, इसलिए उसका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। सीएम भजनलाल ने कहा कि हमारे शास्त्रों में जल, पर्वत और वृक्षों को देवतुल्य माना गया है। मानव शरीर भी प्रकृति के 5 तत्वों से मिलकर बना है। हमारे पूर्वजों ने कभी प्रकृति के साथ छेड़छाड़ नहीं की, लेकिन आज अंधाधुंध दोहन के कारण पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को जन आंदोलन बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ने वृक्षारोपण के क्षेत्र में देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। पिछले दो सालों में प्रदेश में 19 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, जबकि वर्ष 2026-27 में 10 करोड़ पौधे लगाने और उनके संरक्षण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने देश का पहला ग्रीन बजट पेश किया है और पर्यावरण संरक्षण को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया है। जल संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 25 मई से 5 जून तक चले अभियान में 4 करोड़ से ज्यादा लोगों ने भागीदारी निभाई है। कई क्षेत्रों में जलस्तर में सुधार देखने को मिला है और प्रदेश के हर जिले के लिए दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। नदियों को जोड़कर पानी पहुंचाने की दिशा में भी काम चल रहा है। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि अगर हम रोजमर्रा की जिंदगी में पानी के उपयोग को लेकर सजग हो जाएं तो जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गिलास में उतना ही पानी लें जितना पीना हो। जहां पानी की कमी होती है, वहां उसकी वास्तविक कीमत समझ में आती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सघन वृक्षारोपण, जल संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत किया जाएगा, ताकि राजस्थान को हरित और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध प्रदेश बनाया जा सके। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, राज्यमंत्री संजय शर्मा, सांसद मंजू शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
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