जयपुर. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जल संकट को लेकर जल भवन का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मटके फोड़े। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने जल भवन के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया। विधायक रफीक खान और कांग्रेसी कार्यकर्ता जल भवन के मेन गेट पर चढ़ गए। पुलिस पर गेट खोलने का दबाव बनाने लगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस से जलभवन तक पैदल पानी यात्रा निकाली। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भीषण गर्मी के बीच गर्म सड़क पर लेटकर जल संकट का विरोध जताया। करीब 10 मिनट तक कार्यकर्ता गर्म जमीन पर हसनपुरा चौराहे पर लेट गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- जनता की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यही गंदा पानी मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पिलाऊंगा, जरूरत पड़ी तो मंत्री, मुख्यमंत्री के पानी के कनेक्शन भी खुद काटूंगा। जलभवन के बाहर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। सरकार से जल्द ही पेयजल संकट का समाधान करने की मांग की। विधायक रफीक खान और कांग्रेसी कार्यकर्ता जल भवन के मुख्य दरवाजे पर चढ़ गए और गेट खुलवाने के लिए पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने लगे। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने जल भवन के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मटके फोड़े। करीब 10 मिनट तक कार्यकर्ता गर्म जमीन पर हसनपुरा चौराहे पर लेट गए। कांग्रेस कार्यकर्ता सिविल लाइंस से जलभवन तक पैदल पानी यात्रा निकाल रहे हैं। यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं, जो सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास जल भवन के सामने बैठ गए। खाचरियावास ने कहा- जयपुर प्यासा है,पूरा राजस्थान प्यासा है। जैसलमेर में पानी की कमी के चलते 500 गाय मर गई। राजस्थान सरकार फ्री में टैंकर की घोषणा करें। सरकार 24 घंटे में पानी की व्यवस्था करें, नहीं तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कनेक्शन काट देंगे। शहर में गंदे पानी की सप्लाई को नहीं सुधर गया तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गंदा पानी पिलाएंगे।” खाचरियावास ने आरोप लगाया कि सरकार रात्रि चौपाल में मौज कर रही है। पूरे जयपुर में गंदे पानी की सप्लाई से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है और राजधानीवासियों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा। लोग मजबूरी में 50 रुपए तक के पानी के कैम्पर खरीद रहे हैं, जबकि टैंकर माफिया 500 रुपए तक वसूल रहे हैं। सरकार की ओर से फ्री पानी के टैंकर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे, जबकि स्वच्छ पेयजल जनता की बुनियादी जरूरत है। जल संकट के विरोध में पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने जल भवन के सामने मटका फोड़ कर विरोध जताया। सरकार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। जल्द ही समस्या का समाधान करने की मांग की।

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