-प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ‘भारत इनोवेट्स 2026’ प्रोग्राम का उद्घाटन किया
नई दिल्ली. फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक जारी है। दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, हेल्थ टेक, मेडिकल टेक्नोलॉजी, एआई, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े 12 समझौते हो सकते हैं। भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों की डील पर भी चर्चा हो सकती है। बैठक से पहले दोनों नेताओं ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ प्रोग्राम का उद्घाटन किया। इस दौरान मोदी ने कहा इनोवेशन भारत के डीएनए में है। भारत अब सॉल्यूशन लेने वाला नहीं, दुनिया को सॉल्यूशन देने वाला देश बन चुका है। वहीं फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा फ्रांस रक्षा, तकनीक और कई अन्य क्षेत्रों में ‘मेक इन इंडिया’ का भागीदार रहा है। एआई और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच सच्ची रणनीतिक साझेदारी है। पीएम मोदी 13 जून से फ्रांस-स्लोवाकिया के 6 दिन के दौरे पर हैं। वे 17 जून को फ्रांस के एवियान में जी७ समिट में शामिल होंगे। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मिलेंगे। दोनों नेताओं के बीच ट्रेड डील पर बातचीत होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस का रिश्ता सिर्फ व्यापार या रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है। यह भरोसे, साझा सोच और साझा लक्ष्यों पर आधारित है। दोनों देश मिलकर दुनिया की कई बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ भारतीय प्रतिभा और यूरोपीय निवेश को जोड़ने वाला मंच है। इससे भारतीय स्टार्टअप्स, युवा उद्यमियों और नए आइडिया को दुनिया के बड़े निवेशकों और विशेषज्ञों तक पहुंचने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में 100 से ज्यादा स्टार्टअप्स शामिल हैं, लेकिन भारत में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। ये स्टार्टअप्स भारत के साथ-साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास में भी योगदान दे रहे हैं। मोदी ने कहा कि दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है, लेकिन हर चुनौती नए मौके भी लेकर आती है। एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष तकनीक जैसी नई तकनीकें आने वाले समय में दुनिया का भविष्य तय करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में स्टार्टअप क्रांति चल रही है। देश के युवा नई सोच के साथ लोगों की समस्याओं का हल निकाल रहे हैं। मैक्रों ने कहा कि भारत रिसर्च, इनोवेशन और तकनीकी विकास के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। भारत हर साल यूरोप और अमेरिका को मिलाकर जितने इंजीनियर तैयार होते हैं, उतने इंजीनियर तैयार करता है। मैक्रों ने कहा कि अब सवाल यह नहीं है कि भारत इनोवेशन करता है या नहीं। सवाल यह है कि दुनिया में कौन भारत के साथ मिलकर इनोवेशन करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ देश एआई मॉडल्स को सीमित करना चाहते हैं। लेकिन भारत और फ्रांस खुले, बहुभाषी और सहयोगी एआईमॉडल के पक्षधर हैं। मैक्रों ने नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता के बाद सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उनकी दृढ़ कार्यशैली, भारत की ताकत और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं हैं। स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) जैसी नई परमाणु तकनीकों में भी भारत और फ्रांस साथ काम कर सकते हैं।
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