Jaipur Cooperative Land Development Bank to divide long term loan over Rs.15 crores

जयपुर। जयपुर सहकारी भूमि विकास बैंक जिले में खेती की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 15-15 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन सहकारी ऋण वितरित करेगा। यह जानकारी जयपुर सहकारी भूमि विकास बैंक प्रशासक और अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम जयपुर मोहन लाल यादव ने रविवार को यहां सहकार भवन में बैंक की वार्षिक साधारण सभा में दी । उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ब्याज अनुदान सहायता के तहत समय पर ऋण चुकारा करने वाले किसानों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है और वर्ष 2016-17 में 1402 सदस्यों को 10.8 करोड़ रुपए तथा वर्ष 2017-18 में अब तक 175 सदस्यों को 16.36 लाख रुपए का अनुदान दिया गया है, जो पूरे राजस्थान में सर्वाधिक है। जबकि राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक द्वारा घोषित 0.60 प्रतिशत ब्याज अनुदान में वर्ष 2016 से अबतक 1270 सदस्य किसानों को अनुदान का लाभ दिया गया है।

यादव ने सदस्यों से समय पर ऋण जमा कराने का आग्रह किया। बैंक के सचिव गोपाल कृष्ण ने सदस्य किसानों का आह्वान किया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा घोषित एक मुश्त समझौता योजना में अवधि पार ब्याज में 50 प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी किसान प्रतिनिधि अपने क्षेत्र में संबंधित किसानों को जागरुक करें एवं योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक की पहल पर विभाग द्वारा 22 सितम्बर से सहकारी सदस्य बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा किसानों को सहकारी एवं सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए उन्हें सहकारिता का सदस्य बनाएं। कृष्ण ने बताया कि डेयरी योजना के अन्तर्गत 957 किसानों के अनुदान क्लेम नाबार्ड को 31 मार्च, 2016 तक के भिजवाये गये थे, जिनमें अनुदान प्राप्त नहीं हो रहा था। उन्होंने बताया कि बैंक द्वारा विशेष प्रयास करने से 865 किसानों को 9.05 करोड़ रुपये के अनुदान प्राप्त हो चुके हैं। आमसभा में वर्ष 2016-17 के अंकेक्षित लेखों, अनुपालना रिपोर्ट, संतुलन चित्र व वार्षिक बजट का अनुमोदन किया गया। साधारण सभा के दौरान सदस्य किसानों ने ट्रेक्टर ऋण के लिए आवश्यक न्यूनतम 9 बीघा 6 बिस्वा की अनिवार्र्यता को कम करने, किशनगढ़-रेनवाल में बैंक की शाखा खोलने तथा बिना रहन के खातों पर अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने जैसे सुझाव रखे गए जिन पर प्रशासक ने उचित कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया।

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