2g spectrum scam

नयी दिल्ली: सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा आज राजनीतिक रूप से संवेदनशील 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में तीन फैसलों की मुख्य बातें इस प्रकार हैं।

#पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक सांसद कनीमोई सहित सभी आरोपी बरी।
#अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग की साजिश रचकर घोटाला किया गया।

#दूरसंचार अधिकारियों तथा अन्य ने कलात्मक तरीके से कुछ चुनिंदा तथ्यों को जुटाकर चीजों को बढ़ा चढ़ाकर अप्रत्याशित स्तर तक पहुंचा दिया।

# राजा इस साजिश में मुख्य कर्ताधर्ता नहीं।
#प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई द्वारा दायर दो अलग मामलों के सभी आरोपी बरी।
#अभियोजन पक्ष बुरी तरह बिखरा और मुकदमे के अंत में दिशाहीन हो गया।
#सीबीआई ने काफी उत्साह के साथ यह मामला शुरू किया लेकिन मुकदमे के अंतिम चरण में एसपीपी तथा सीबीआई के अभियोजक बिना किसी संयोजन के दो अलग-अलग दिशाओं में चल पड़े।
#सीबीआई ने काफी कोरियोग्राफ वाला आरोपपत्र दायर किया, लेकिन इसमें गलत तथ्य दिए गए जिसकी वजह से आरोपी बरी हो गए।
#एस्सार समूह के प्रवर्तक रविकान्त रुइया और अंशुमान रुइया को 2जी मामले की जांच से निकले अन्य मामले में बरी कर दिया गया। इस बात को कोई प्रमाण नहीं था कि लूप टेलीकॉम पर उनका नियंत्रण था।

#राजा, कनीमोई तथा 17 अन्य को 2जी मामले में 200 करोड़ रुपये के घूस के पैसे को इधर उधर करने के मामले से भी बरी किया गया।
#पूर्व अटार्नी जनरल जी ई वाहनवति ने जानबूझकर कर दूरसंचार विभाग के तैयार प्रेस बयान को आधिकारिक रिकार्ड मानने से इनकार किया।
# पीएमओ के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों पुलक चटर्जी तथा टी के ए नायर ने राजा के पत्र के सबसे तार्किक तथा विवादास्पद हिस्से को दबाया इसलिये तत्कालीन दूरसंचार मंत्री को तथ्यों की गलत जानकारी देने के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
# दूरसंचार विभाग को खुद को पीड़ित बताने के लिए लताड़। विभाग ने दावा किया था कि 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस देने के एवज में आरोपी कंपनियों के प्रवर्तकों ने उसके साथ धोखाधड़ी की।

#दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियोजन पक्ष के महत्वपूर्ण गवाहों डी एस माथुर, ए के श्रीवास्तव, के श्रीधर तथा नितिन जैन के बयान रिकार्ड के उलट थे।

# रिकार्ड से तत्कालीन ट्राई के चेयरमैन नृपेंन्द्र मिश्र (वर्तमान में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव) की गंभीरता और प्रतिबद्धता झलकती है जिसमें उन्होंने ट्राई की सिफारिशों के क्रियान्वयन पर जोर दिया था। # विवादास्पद कार्पोरेट लाबिस्ट नीरा राडिया के वक्तव्य का कोई महत्व नहीं।

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