जयपुर। राजस्थान के झुन्झुनूं के मण्डावा थाने में फर्जी रिपोर्ट पर कार्यवाही नहीं करने के नाम पर 4 हजार रुपए की रिश्वत लेने के अपराध में गिरफ्तार किए गए तत्कालीन हैड कांस्टेबल सुभाष चन्द यादव (47) निवासी सिंघाना-झुंझुनूं को एसीबी मामलों की विश्ोष अदालत क्रम-एक में जज बलजीत सिंह ने दो साल की जेल एवं 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। परिवादी बृजलाल बालारा से रिश्वत राशि लेने वाले सिपाही करतार सिंह (42) निवासी बुहाना को कोर्ट ने सन्देह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। लोक अभियोजक महेन्द्र कुमार व्यास ने कोर्ट को बताया कि परिवादी से उसके गांव के ही रामचन्द्र ने 200 रुपए उधार ले रख्ो थ्ो। 10 अक्टूबर,2001 उसे वेतन मिला तो परिवादी ने उससे 2०० रुपए व एक अन्य लेनदार कुलदीप ने 7०० रुपए ले लिए थ्ो। जिसको लेकर रामचन्द्र ने थाने में शिकायत दी थी, जिसकी जांच सुभाष चन्द यादव के पास थी। सुभाष परिवादी को फोन कर बार-बार थाने बुला रहा था और शिकायत खत्म करवाने के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। सत्यापन के समय सौदा 4 हजार रुपए में तय हुआ। 16 अक्टूबर को सुभाष ने पीड़ित को थाने बुलाया, लेकिन अन्य काम से वह थाने से चला गया। फोन करने पर उसने राशि सिपाही करतार सिंह को देने को कहा था। एसीबी ने 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते करतार सिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार कर दोनों के खिलाफ चालान पेश किया।

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