High Court responds to clean sweeper's job

जयपुर। शिप्रापथ थाना इलाके में स्थित अपने घर में प्रतिष्ठित कम्पनियों की 15 तरह की नकली दवाओं का व्यापक स्तर पर निर्माण कर देश भर में सप्लाई करने के अपराध में 4 नवम्बर, 2०15 से जेल में बन्द दवा कारोबारी अवध्ोश शर्मा (39) निवासी शांतिनगर दुर्गापुरा को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जयपुर मेट्रो अशोक कुमार व्यास ने बुधवार को 1० साल के कठोर कारावास तथा 2 लाख 4 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया। कोर्ट ने आदेश में कहा कि अभियुक्त ने आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया है।

इस संबंध में औषधि नियन्त्रक अधिकारी वचन सिंह ने 3 नवम्बर, 2०15 को शिप्रापथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नकली दवाओं के कारोबार की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 2 नवम्बर को अभियुक्त अवध्ोश शर्मा के मकान पर दबिश देकर भारी मात्रा में नकली दवा, कच्चा माल, निर्माण करने, पैकिंग करने सामान सहित देशभर में भ्ोजने का रिकार्ड बरामद कर जब्त किया था।

मकान में ही गोदाम बना रखा था। पत्नी व बेटी भी उसी मकान में रह रही थी। अपराध में अन्य लोग शामिल थ्ो। केप्सूल व सिरप दोनों का निर्माण हो रहा था। बीएससी के बाद अभियुक्त ने डिप्लोमा इन फार्मेसी कर रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट था, लेकिन दवा निर्माण-विक्रय का उसने कोई लाईसेंस भी नहीं ले रखा था। अवध्ोश प्रिन्ट पैक मालिक मनोज मित्तल से फोईल प्रिन्ट करवाता था। उसने ओशियन आर्गेनिक्स फर्म भी बना रखी थी। कोर्ट ने अवध्ोश को अन्तरराज्यीय गैंग का सदस्य बताया है।

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