मुम्बई। दो लाख करोड़ रुपए के कालेेधन का खुलासा करने वाले मुम्बई के सैयद परिवार भी अहमदाबाद के महेश शाह की तरह संदिगध और फर्जी कारोबारी निकला है। आयकर विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सैयद परिवार की कारोबारी हैसियत इतनी नहीं है कि वह दो लाख करोड़ रुपए कमा सके। आयकर विभाग उसके आय के ोतों का पता लगा रही है। यह भी जांच कर रही है कि जिस तरह महेश शाह को कालाधन जमा करने वाले कारोबारियों, अफसरों और नेताओं ने खड़ा किया था, उसी तर्ज पर कहीं सैयद परिवार के पीछे भी भ्रष्ट अफसरों, नेताओं और कारोबारियों का शैतानी दिमाग तो काम नहीं कर रहा है। इनकम डिस्कलोजर स्कीम के तहत कालाधन उजागर करके इस राशि को सफेद करने का तो षडयंत्र नहीं है। फिलहाल यह तो बाद में ही पता लग पाएगा कि दो लाख करोड़ रुपए के कालेधन के पीछे किन लोगों का हाथ है। लेकिन यह तो तय है कि जैसे-जैसे इनकम डिस्कलोजर स्कीम की अंतिम तिथि नजदीक आती जाएगी, वैसे इस तरह के कई खुलासे सामने आ सकते हैं। हालांकि केन्द्र सरकार ने स्पष्ट कर रखा है कि कालाधन उजागर करने वालों की जांच पड़ताल की जाएगी। सही पाए जाने पर ही स्कीम के तहत उन्हें लाभ मिल पाएगा।
गौरतलब है कि मुंबई के अब्दुल रज्जाक मोहम्मद सैयद के परिवार ने भी केन्द्र सरकार के इनकम डिस्क्लोजर स्कीम के तहत दो लाख करोड़ रुपये के कालाधन को सफेद करने की बात कहकर तहलका मचा दिया था। हालांकि आयकर विभाग की पडताल में पूरा मामला ही संदिगध और फर्जी लग रहा है। अब आयकर विभाग मामले की तह तक जाने की बात कर रहा है। मुंबई के बांद्रा इलाके में रहने का दावा करने वाले सैयद परिवार के अब्दुल रज्जाक मोहम्मद सैयद के बेटे का नाम है मोहम्मद आरिफ अब्दुल रज्जाक, सैयद की पत्नी रुखसाना, अब्दुल रज्जाक सैयद की बहन नूरजहां मोहम्मद सैयद ने कालाधन की यह राशि सरेण्डर की है। सैयद परिवार ने बताया कि इनके पास दो लाख करोड़ का कालाधन है लेकिन जब सरकार और आयकर विभाग ने इनकी जांच की तो पूरा का पूरा मामला ही फ र्जी निकला। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सैयद परिवार ने जहां रहना बताया, वहां भी वे नहीं मिले। अजमेर में पैनकार्ड का पता है, वहां भी यह परिवार नहीं रहता और ना ही इन्हें कोई जानता है। सैयद परिवार का पता जिस बिल्डिंग में बताया गया, वो किसी कंपनी के नाम है। इसी फ र्जीवाडे की वजह से आयकर विभाग ने अब बयान जारी कर कहा है कि सैयद परिवार के दो लाख करोड़ को इनकम डिस्क्लोजर स्कीम के तहत घोषित किए 65 हजार करोड़ की रकम में नहीं जोड़ा गया है। शक ये है कि गुजरात के कारोबारी महेश शाह की तरह की सैयद परिवार के नाम पर कोई और अपनी काली कमाई सफेद करने की फि राक में था। आयकर विभाग के मुताबिक इस स्कीम में देश में अब तक 71 हजार 726 लोगों ने अपने काले धन का खुलासा किया। उन सबकी कमाई जोड़कर 67 हजार 382 करोड़ तक पहुंची है।

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