The historic era of living in the exhibition at City Palace

जयपुर। सिटी पैलेस में आज जयपुर के 20 स्कूलों के विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक कहानियों और विरासत को जीवन्त करने का प्रयास किया। सिटी पैलेस इस जीवन्त प्रदर्शनी के लिए इन विद्यार्थियों का मेजबान रहा जिन्होंने पेन्टिंग्स, फोटोग्राफ्स, कलाकृतियों, लाइव ज्वैलरी निर्माण, थ्रीडी मॉडल्स सहित अन्य अनूठी वस्तुओं का प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शनी तीन दिवसीय जयपुर हिस्ट्री फेस्टिवलह्य का एक हिस्सा है जो कि जयपुर में पहली बार आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरूआत दुआ सेशन के साथ हुई जिसे रहमानी मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किया। बाद में इन्हीं विद्यार्थियों ने भक्ति रचना ह्यपायो जी मैने राम रतन धन पायो गा कर माहौल को जीवन्त कर दिया।

शांति एशियाटिक स्कूल के बच्चों ने भक्तिमयी मीरा की कहानी भक्ति और सूफी फ्यूजन डांस के साथ प्रस्तुत की। इस प्रदर्शन में मीरा के जीवन के विभिन्न कालों का प्रदर्शन करने के साथ ही उनकी भगवान कृष्ण के प्रति अगाध श्रद्धा एवं प्रेम का प्रदर्शन कियां। इस प्रस्तुति के पश्चात एसआरएम इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने भक्ति एवं सूफी फ्यूजन डांस में दिल को दहला देने वाली कलाबाजी का प्रदर्शन किया। विशेष आकर्षण का केन्द्र रही टैगोर इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा एक की छात्रा दृष्टि जिसने पन्ना धाय के एकालाप को पेश किया जिन्होंने कि सोलहवी शताब्दी में उदयसिंह द्वितीय का लालन पालन किया। कार्यक्रम का समापन दिल्ली पब्लिक स्कूल जयपुर के विद्यार्थियों की प्रस्तुति के साथ हुआ जिन्होंने सूफियाना कलाम की प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम के दौरान द पैलेस स्कूल के विद्यार्थी जयपुर के पूर्व शासकों की ऐतिहासिक पोशाकों में थे और उन्होने सिटी पैलेस के दरबार हॉल में शाही तरह से स्वागत किया। कल इसी स्थल पर दृष्टि दिव्यांग (दृष्टिहीन) विद्यार्थी वन्दना की प्रस्तुति देंगे।

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