jaipur dialogues wtp-susil pandit
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जयपुर। जयपुर डायलॉग्स के दूसरे दिन रविवार को सुरक्षा, शिक्षा एवं इतिहास विषय पर लेखकों व नामी हस्तियों ने अपने विचार रखे। एडवोकेट जे साई दीपक ने कहा कि अगर पुस्तकों में गलत इतिहास दर्शा रखा है, उसे बदला जाए। शिक्षा का अधिकार व देशी शिक्षा पर जोर दिया जाये। शिक्षा में माक्र्सवादी प्रभाव है तो उस इतिहास को सही प्रदर्शित किया जाए। इसके लिए आवश्यकता हो तो न्यायालय की सहायता ली जाए। सुनील शर्मा अध्यक्ष ज्ञान विहार विश्विद्यालय ने कहा कि जो राष्ट्र अपने पूर्वजों के इतिहास पर गर्व नही करता उनका पूरे विश्व में कोई स्थान नही होता है। इतिहास साक्षी है कि विजेता ही इतिहास लिखवाते है। सभी को इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। विश्व में हमारे इतिहास का सम्मान रहा है।

अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा पाने वाले और अंग्रेजी का उपयोग करने वाले चार देश है। बाकि सब देश अपने देश की भाषा का उपयोग करते है। कोई भी देश अपनी भाषा को छोड़कर समृद्ध नही हुआ।
लेखक नरेन्द्र कोहली ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के अनुसार हिन्दुओं ने अपना इतिहास कभी नही लिखा जो लिखा है विदेशियों ने लिखा है। हमे अपने मूल ग्रंथो के पास जाना चाहिए। हमारे इतिहास लिखने की पद्धति होनी चाहिए। राष्ट्र की रक्षा ऋषि करता है और राज्य की रक्षा राजा करता है। इतिहास को ऋषि किस रूप में लिखता है ये हमे समझना चाहिए। आज सामान्य जन को यह भी याद नही कि पाकिस्तान अफगानिस्तान अलग कब हुआ। शिक्षा राष्ट्रियता इतिहास एक ही चीज है। सभी को देश का इतिहास, भूगोल संस्कृति जानना जरुरी है।

कश्मीर मामलों के एक्टिविस्ट सुशील पंडित ने कहा कि सीमा पर डटे हुए चौकन्ने सैनिक को देश के भीतर से आवाज आती है। भारत तेरे टुकड़े होगे। इंशा अल्लाह इंशा अल्लाह। तब सैनिक सोचता हे कि गोली किस ओर चलानी है। दुश्मन के हमले का हम जवाब नही देते तो फिर हमारे गोला- बारूदए मिसाइल, तकनिकी सिर्फ नुमाइश के लिए है। पाक सूचना की लड़ाई लड़ रहा है और हमारे देश को बांटने वाला वीडियो भेज रहा है। हम बिना सच जाने वीडियो वायरल कर देते हैं। देश सलमान और पद्मावती में उलझा है, देश में सामने आई लड़ाई, दंगे, हड़ताल जैसे बड़े मुद्दों के समाधानो पर ध्यान नही दिया जा रहा है। पाकिस्तान और चीन हमारे दुश्मन है और वे यु्दध की तैयारी की याद दिलाते हैं।
कल सोमवार को जयपुर डायलॉग्स के तीसरे दिन जे. नन्दकुमार, तारक फतेह, सुब्रमण्यन स्वामी, राघव अवस्थी शेफाली वेद्य भारत की एकता और विभाजन के तत्व विषय पर संवाद करेंगे।

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