Gau-smuggler

बाड़मेर। राजस्थान के अलवर में गौवंश ले जा रहे पहलु खान की हत्या का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है कि अब बाड़मेर में गौरक्षकों द्वारा फिर गौवंश ले जा रहे लोगों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। गौरक्षकों ने मारपीट के दौरान यह भी समझने की कोशिश नहीं की कि जो गौवंश ले जाने वाले तमिलनाडु के पशुपालन विभाग के अफसर थे, जो राजस्थान की देशी गायों को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत ले जा रहे थे।

गौरक्षकों ने अफसरों को नहीं सुनी और उनसे मारपीट करने लगे। गायों को गाड़ी से उतार लिया। बाद में पुलिस पहुंची तो उन्हें छुड़ाया। बाद में माजरा समझ में आया तो गौरक्षक भी वहां से चलते बने। हालांकि इस घटना से गौवंश ले जा रहे अफसरों में भय है। यह घटना नेशनल हाइवे 15 पर बाड़मेर में हुई। वहां गौरक्षकों ने गौवंश के पांच ट्रकों को रोका और रोकते ही ट्रकों में बैठे चालकों के साथ दूसरे लोगों से मारपीट शुरु कर दी। समझाइश पर भी वे नहीं मानें और गायों को उतारकर ट्रकों में आग लगाने पर उतारु हो गए। पुलिस के दखल के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस के मुताबिक तमिलनाडु के नेशनल एग्रीकल्चर डवलपमेंट प्रोग्राम के तहत पशुपालन विभाग ने थरपारकर नस्ल के पचास गाय और तीस बछड़े खरीदे थे और वे इन्हें ट्रको में ले जा रहे थे। ट्रकों में पशुपालन विभाग केअफसर भी थे। जब पुलिस ने वैध तरीके से गायों को ले जाने और तमिलनाडु सरकार द्वारा गायों को ले जाने की जानकारी दी तो लोग शांत हुए। हालांकि कानून हाथ में लेने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही सात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।

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