schoolgirl's suicide

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर के गणगौरी बाजार में संचालित नेत्रहीन बच्चों की स्कूल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव और जेडीए को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही अदालत ने यहां प्रतिनियुक्ति पर तैनात तीन शिक्षकों का ट्रांसफर करने पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने यह आदेश पंकज शर्मा की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में अधिवक्ता प्रदीप लता माथुर ने बताया कि राजस्थान नेत्रहीन कल्याण संघ की ओर से गणगौरी बाजार में नेत्रहीन बच्चों का स्कूल चलाया जाता है। जिसमें वर्तमान में अस्सी बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल बिल्डिंग ऐसे स्थान पर हैं, जहां एम्बूलैंस या फायर बिग्रेड नहीं पहुंच सकती। इसके अलावा स्कूल के पास खेल का मैदान भी नहीं है। याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने वर्ष 2015 में सुमति विश्नोई की याचिका में आदेश जारी कर स्कूल को संसाधन मुहैया कराए थे, लेकिन अभी तक सभी निर्देशों की पालना नहीं हुई है। अदालती आदेश की पालना में यहां तीन विशेष शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर तैनात किए गए हैं, लेकिन स्थाई नियुक्ति नहीं होने के कारण हर बार शिक्षक बीच सत्र में प्रतिनियुक्ति पर आते हैं। जिससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। इसके बावजूद गत सत्र में बच्चें के दसववीं कक्षा में अस्सी फीसदी तक अंक आए। ऐसे में स्कूल को पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए यहां तैनात शिक्षकों के ट्रांसफर पर रोक लगा दी है।

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