paartee kar saphed

जयपुर। शांति एवं सोहार्द का प्रतिक सफेद रंग का भारतीयो की नजरो में एक विशेष महत्व है। जयपुर ज्वैल्स फाउन्डेंशन के द्वारा जयपुर में पहली बार एवं अपने आप में एक अनोखा आयोजन जो शहर वासियो को, जो की हर त्यौहार उत्सव की तरह बनाते है उनको एक संदेश भी प्रदान करता है। इसी क्रम में जयपुर ज्वैल्स फाउन्डेंशन के द्वारा नववर्ष मिलन समारोह के अन्तर्गत मकर सक्रांती एवम् लोहडी का त्यौहार दिल्ली रोड़ स्थित होटल अचरौल निवास में आयोजित किया गया। सभी सदस्य हाथो में सददा की चरखी एवम् सफेद पतंगे लेकर शहर वासियो को त्यौहार इस रूप में मनाया की कोई पक्षी हताहत भी नही हो, मंझे से लोगो की जान भी न जाये एवम् त्यौहार का मजा भी किरकिरा न हो। कार्यक्रम के संयोजक रोहित-मोनिका गंगवाल, जितेन्द्र-प्रियंका कोठारी एवम् विनय पुर्वी जैन न बताया की सददा से पतंग उड़ाने की मुहीम का सभी लोगो ने बहुत स्वागत किया एवम् सफेद रंगो की पतंगो पर पक्षी बचाओ, सददा से पंतग उड़ाओ जान बचाओ, पांच बजे के बाद पतंग न उड़ाओ आदि संदेश लिख कर एक साथ 100 से अधिक पतंगे उड़ाई।

इस अवसर पर फाउन्डेंशन के सदस्यो ने जयपुर के अनेक एतिहासिक स्थलो पर जाकर लोगो को सददा से पतंग उडाने से पे्ररित किया सर्वेश्रष्ठ सजी हुई पतंगे एवम् सर्वेश्रष्ठ प्रभावी संदेश वाली सफेद पतंगो कोे फाउन्डेंशन के अध्यक्ष हितेश भाडिया एवं विवेक मालू ने सम्मानित किया। इस अवसर पर बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ पंजाबी अंदाज में लोहडी का भी आयोजन किया गया जिसमे बोन फायर के साथ नाच, गाना, ढोल, आदि के साथ लोहडी के गाने गाये गये एवम विशेष रूप से निर्मित व्यंजनों का भी आनन्द लिया गया सर्वेश्रेष्ठ लोहडी डांस के लिए रोबिन राशि काला एवम धीरज रीतू बोरड को भी सम्मानित किया गया। जयपुर ज्वैलस फाउन्डेंशन के सभी 300 से अधिक सदस्यों ने इस मकर सक्रांति सददा से पतंग बाजी करने का सकंल्प लिया एवम् अन्य लोगो को भी सददा से पतंग उडाने के लिये पे्ररित करने का लक्ष्य रखा ताकि ज्यादा से ज्यादा पक्षीयो को बचाया जा सकें।

कोई जवाब दें