जयपुर। सावन माह की शुरुआत होने के साथ ही बरसात की फुहारों के बीच लहरिए का फैशन महिलाओं पर सिर चढ़कर बोलने लगता है। इसी सावन माह में त्योहार का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। सिंजारा महोत्सव के साथ पारंपरिक रुप से मनाया जाने वाला तीज का त्योहार खुशियों में रंग भर देता है। सिंजारा महोत्सव को लेकर न केवल महिलाएं वरन नव विवाहिताएं खुद को सजने संवारने में पीछे नहीं रखती।

इस दिन नव विवाहिताओं के घर ससुराल पक्ष की ओर से घेवर के साथ अनेक प्रकार की मिठाइयां, फल, शृंगार सामग्री और नए कपड़े भेजे जाते हैं। सिंजारा पर्व को मनाने की तैयारी महिलाएं दो दिन पहले ही शुरू कर देती है। एक दिन पहले अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी लगाई कर शृंगार किया जाता है तो दूसरे दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित तीज का पर्व मनाया जाता है। बुधवार को हरियाली तीज पर्व मनाया जाएगा। इस दिन राजस्थान के जयपुर में मेले का आयोजन होगा। जहां तीज माता की पारंपरिक रुप से भव्य सवारी निकाली जाएगी। इस मौके पर बड़ी संख्या में शहरवासियों के साथ महिलाएं भी राजस्थानी लिबास लहरिया ओढ़कर मेले का आनंद लेंगी।

-बिखरेंगे संस्कृति के रंग
बुधवार 26 जुलाई को तीज के अवसर पर तालकटोरा की पाल पर राजस्थानी संस्कृति के रंग बिखरेंगे। यहां राजस्थानी नृत्य घूमर, कालबेलिया, चरी नृत्य, अग्नि नृत्य और राजस्थानी गीत धरती धोरां री खास तौर पर आकर्षण का केन्द्र होगी। इस मौके पर तालकटोरा को खास शैडो लाइटिंग से सजाया गया है। जहां तालकटोरा का पानी और दीवारें चमक उठेंगी। नगर निगम ने यहां विशेष रुप से नैकलेस डिजाइन में स्थाई लाइटिंग तैयार की है, जो आकर्षण का केंद्र रहेगी।

-चलेगी नाव, होगी बोटिंग
नगर निगम ने तीज पर्व को यादगार बनाने के लिए इस बार तालकटोरा में नाव चलाने को स्वीकृति प्रदान की है। जिन पर कलाकार राजस्थानी लोकनृत्य करते नजर आएंगी। निगम ने यह पूरा कार्यक्रम लहरिया थीम पर तैयार किया है। समीप ही पौंड्रिक पार्क और तालकटोरा को भी लहरिया थीम पर सजाया जाएगा।

LEAVE A REPLY