जयपुर| समाज के लिए उत्कृष्ट सेवा का सम्मान करने की अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढाते हुए महाराणा मेवाड़ चैररटेबल फाउंडेशन (एमएमसीएफ) द्वारा 37 वें वार्षिक अवार्ड (एमएमएफएए) का सिटी पैलेस, उदयपुर में सफल आयोजन 10 मार्च, रविवार को किया गया। इस भव्य समारोह की शुरूआत छात्रों को सर्टिकफिकेट प्रदान किये जाने से हुई और उसके बाद पुरस्कार विजेताओं को समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. के कस्तूरीरंगन एवं उदयपुर के मेवाड़ अरविंद सिंह मेवाड़, चेयरमैन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी, महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन ने पुरस्कार प्रदान किए।

महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ द्वारा वर्ष 1980-81 में समर्पित, महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन वार्षिक पुरस्कार एक गैर-लाभकारी संगठन द्वारा समर्पित किए जाने वाले देश की सबसे पुराने पुरस्कार योजनाओं में से एक है। यह उदयपुर के कॉलेज और स्कूली छात्रों जिन्होंने अपनी पढाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था को सम्मानित करने के लिए संकल्पित किया गया था और धीरे-धीरे इसका विस्तार होता गया और अंतरराष्ट्रीय विद्वानों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, संगीतकारों ध् कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं,पर्यावरणविदों जिन्होंने कुछ अलग कर दिखाया और लोगों को प्रेरणा प्रदान की को ऐसे लोगों को भी इसके अंतर्गत सम्मानित किया जाने लगा।

महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के चेयरमैन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी अरविंद सिंह मेवाड़, ने कहा, “इन पुरस्कार विजेताओं का चयन इसलिए किया जाता है क्योंकि वे हमारे समाज में रोल मॉडल हैं, और साथ ही युवाओं के लिए वे विश्वसनीय आइकन हैं। समाज से मिली मान्यता किसी भी एचीवर के उत्साह में वृद्धि कर देती है और इससे उनके जीवन को एक नई प्रेरणा मिलती है। समाज में उनके योगदान के लिए इन एचीवर्स को मान्यता दिए बिना राष्ट्र-निर्माण का कार्य अधूरा है। उनका यह योगदान स्थायी प्रकृति का है जो पीढ़ियों तक रहता है। हमारे फाउंडेशन को ये अवार्ड पुरस्कार से सम्मानित व्यक्तित्वों को अलग पहचान प्रदान करते है और साथ ही हमारे फाउंडेशन को असीम उपलब्धि का एहसास दिलाते हैं।”

इन पुरस्कारों में से प्रत्येक मेवाड़ के 1400 वषों के समृद्ध और गौरवशाली इतिहास से जुड़े किसी ना किसी प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के नाम से जुड़ा है। पिछले वषों के कुछ उल्लेखनीय पुरस्कारों में लेखक-कवि, कलाकार और दूरदर्शी जैसे कि प्रोफेसर सर एंगस डिएटन, प्रोफेसर एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ. ई. धरन, सुनील दत्त, आर के लक्ष्मण, डॉ. राही मासूम रजा, लता मंगेशकर, पीटी उषा एवं श्री हरिवंश राय बच्चन शामिल रहे हैं।

इस वर्ष पुरस्कार विजेताओं में शुमार कुछ नाम इस प्रकार हैंः कर्नल जेम्स टॉड पुरस्कार डॉ. पॉल टी. क्रैडॉक को प्रदान किया गया जबकि स्वाति चतुर्वेदी ने हल्दीघाटी पुरस्कार जीता। महाराणा उदय सिंह अवार्ड सुश्री गीता शेषमणि एवं कार्तिक सत्यनारायण को प्रदान किया गया। इस वर्ष का डागर घराना अवार्ड उस्ताद मोही बहाउद्दीन डागर को दिया गया एवं श्री सुरेश वाडेकर ने हकीम खान सुर अवार्ड जीता।

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