जयपुर। बहुचर्चित हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग रेप केस में आखिर खाकी की भी मिलीभगत उजागर हो गई है। ब्लैकमेलिंग के इस संगठित गिरोह में कुछ पुलिसकर्मियों की भी बराबर की मिलीभगत रही है। आधा दर्जन पुलिसकर्मी गिरोह के लोगों से मिले हुए थे, जो पीडि़तों को ना केवल झूंठे मामलो में गिरफ्तारी का भय दिखाते थे, बल्कि गिरोह सदस्यों के साथ मिलकर राजीनामे भी करवाते थे। इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश करने वाली एसओजी ने आज वकील नवीन देवानी, नीतेशबंधु, अखिलेश मिश्रा व अन्य के साथ मिलकर ब्लैकमेलिंग के धंधे में लिप्त रहे आरएसी के सिपाही हरिकिशन
चौहान को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि गिरोह में उत्तराखण्ड से जो लड़कियां लाई जाती थी, वह इसी सिपाही के मार्फत आती थी। एसओजी हरिकिशन से दूसरे साथियों की मिलीभगत की भी पडताल कर रही है। उधर, आधा दर्जन वे पुलिस थाने भी एसओजी की जांच के दायरे में है, जहां इस गिरोह के सदस्य पीडि़तों के खिलाफ झूंठी रेप की रिपोर्ट दर्ज करवाते थे और फिर पुलिस के कथित सहयोग के मार्फत ब्लैकमेलिंग किया करते थे। शिप्रा-पथ, मुहाना, महेश नगर, मानसरोवर, वैशाली नगर आदि थानों के कुछ पूर्व और वर्तमान सीआई व पुलिसकर्मियों की गिरोह के लोगों से मिलीभगत की शिकायतें सही पाई गई है। एसओजी कभी भी इनकी गिरफ्तारी कर सकती है। सिपाही हरिकिशन से पूछताछ में अन्य पुलिसकर्मियों की मिलीभगत सामने आ सकती है।

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  1. खबर की दुनिया में Jnprahri समाचार पत्र एक नई क्रांति ला रही है। बहुत बहुत शुक्रिया

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