दिनांक । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह बजट जनकल्याण को समर्पित बजट है। जनता का सर्वोदय का बजट इसे कहे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। माननीय मुख्यमंत्री ने जिस प्रकार से प्रत्येक वर्ग को स्पर्श करते हुए एक समावेशी बजट की रचना की है और वह भी विŸाीय प्रबंधन को देखते हुए, यह बजट काबिले तारीफ है। हर दृष्टि से इस राज्य की जनता का सर्वांगिण विकास हो सकें जिसका ब्लू प्रिंट जिस प्रकार से सुराज संकल्प यात्रा में प्रस्तुत किया था उसी को एकीकृत करते हुए किसान, युवा, महिला, व्यापारी सभी वर्गों पर जोर दिया गया है।परनामी ने कहा कि उदाहरणार्थ 8 हजार करोड़ को वित्तीय भार लेते हुए भी लघु एवं सीमांत कृषकों के सहकारी बैंकों में 30 सितम्बर, 2017 को ओवरड्यू अल्पकालीन फसली ऋण में समस्त शास्तियों एवं ब्याज माफी और आउटस्टेण्डिंग अल्पकालीन फसली ऋण में से 50 हजार तक के कर्जे की एकबारीय माफी का निर्णय पूरे देश में एक बड़ा कदम लिया गया है। इसके अलावा राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग के गठन की घोषणा किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिससे किसानों को दीर्घकालीन ऋण समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। इसके अतिरिक्त राज्य भण्डारण व्यवस्था को सुधारने के लिए 50 करोड़ रुपए तथा समस्त श्रेणी के कृषकों को फार्म पोंड निर्माण पर पूर्व देय लागत के 50 प्रतिशत अनुदान को बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाना एवं प्रत्येक जिले में नंदी गौशाला को गौ-संरक्षण एवं संवर्धन निधि से 50 लाख तक अनुदान एक बहुत बड़ा कदम है। जो गौवंश के लिए हर दृष्टि से सुरक्षा प्रदान करता है।परनामी ने कहा कि किसानों को समर्पित बजट केवल किसानी पर जाकर नहीं रूकता है अपितु सिंचाई तक भी जाता है। 52 हजार करोड़ की सिंचाई योजनाओं को इस बजट द्वारा जो स्वरूप देने की बात की गई है, वो सिंचाई के क्षेत्र में एक क्राँतिकारी कदम था। जब इसमें हम 77 लाख सॉयल हैल्थ कार्ड की बात जोड़ देते है एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से देखते है तो यह बहुत बड़े बजट के रूप में किसानों के पास जाता है।
परनामी ने कहा कि बजट में महिला वर्ग का भी विशेष ध्यान रखा गया है। महिला वर्ग को संकेन्द्रण रखते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के साथ बेटी को रोजगार भी मिलें और उसका मानदेय भी बढ़े इसकी भी व्यवस्था की गई है। मानदेय कर्मियों का मानदेय बढ़ाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 6 हजार, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 4 हजार 500 रुपए, सहायिका को 3 हजार 500, साथिन को 3 हजार 300 एवं आशा सहयोगिनी को 2 हजार 500 प्रतिमाह देने से 1 लाख 84 हजार महिला मानदेयकमीर्यों लाभान्वित हुए है। इसके अतिरिक्त बाल विकास परियोजनाओं में नियोजित करने के लिए 1 हजार नर्सिंग ट्रेनिंग टीचर्स की भर्ती की जायेगी। 15 से 45 आयुवर्ग की ग्रामीण बालिकाओं एवं महिलाओं में डमदेजतनंस भ्लहपमदम ैबीमउम में ेजांम ीवसकमत ेमदेपजप्रंजपवद के साथ ेंदपजंतल चंके का वितरण पर 76 करोड़ का प्रावधान।
परनामी ने कहा कि सरकार ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए भी बड़े कदम उठायें है। जिसमें प्रमुख रूप से ह्यराजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति विŸा एवं विकास सहकारी निगमह्ण द्वारा रुपए 2 लाख तक के बकाया ऋण एवं ब्याज को माफ किये जाने की घोषणा – रू 114 करोड का भार। छोटे कामगारों – केश कलाकार, कुम्हार, मोची, बढ़ई, रिक्शावाला और प्लम्बर आदि को रुपए 2 लाख के ब्याजमुक्त ऋण की घोषणा। ह्यभैरोंसिंह शेखावत अंत्योदय स्वरोजगार योजना की घोषणा, इस योजना में 50 हजार परिवारों को रुपए 50 हजार तक का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज पर बिना रहन उपलब्ध करवाया जायेगा। 1 हजार नवीन माँ-बाड़ी केन्द्र मय गौस कनेक्शन प्रारंभ करने की घोषणा-प्रतिवर्ष रुपए 36 करोड़ व्यय कर 30 हजार बच्चों को लाभान्वित किये जायेगा। ह्यसुन्दर सिंह भण्ड़ारी म्ठब् स्वरोजगार योजनाह्ण में 50 हजार परिवारों को रू 50 हजार तक का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज पर बिना रहन उपलब्ध करवाया जायेगा। परनामी ने कहा कि इसके अतिरिक्त व्यापारी वर्ग लगातार जीएसटी एवं अन्य विषयों पर माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन देता रहा है और जीएसटी के दृष्टिकोण से व्यापारी वर्ग ने जिस प्रकार के सकारात्मक सुझाव दिये गये है वे बजट में शामिल करते हुए आज स्थिति यह है कि जीएसटी के माध्यम से राज्य में रेवेन्यू का विस्तार हुआ है। परनामी ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संरचनागत सोच की आवश्कता थी, उसे व्यापारी कल्याण बोर्ड के द्वारा नियत किया गया है। उससे न केवल व्यापारियों को अपने व्यापार से उदिपन्न मिलेगा एवं बाजार से भी कनेक्ट रहेगा। इस बजट को युवाओं को समर्पित बजट कहा जाये तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। शिक्षा विभाग में 77 हजार 100, गृह विभाग में 5 हजार 718, प्रशासनिक सुधार विभाग में 11 हजार 930 एवं स्वास्थ्य विभाग में 6 हजार 571 पदों सहित कुल 1 लाख 8 हजार पदों के लिए भर्तियां की जायेंगी। 75 हजार पदों के लिए नयी विज्ञप्तियां जारी की जायेंगी।

































