Jagadguru Ramnareshacharya, jaipur

‘रघुनायक गुणगान’ कार्यक्रम का हुआ समापन
jaipur. अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष के लिए जो शास्त्रीय क्रियाएं हैं, इनको मनमानी ढंग से जीने के कारण ही दुनिया में राक्षसी भाव बढ़ रहा है। यह बात गुरुवार को रामानंद संप्रदाय के प्रमुख स्वामी रामनरेशाचार्य जी महाराज ने खंडाका हाउस में कही। उन्होंने कहा कि लोगों में परस्पर सुख बहुत कम होता जा रहा है। रिश्ते टूट रहे हैं, सुंदरता कम हो रही है। संसार का जो आकर्षण था, वह कम हो रहा है। घुटन हो रही है।

इन सबसे बचने के लिए हमें भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। सुख के सागर भगवान से जुडक़र ही हम आनंद पा सकते हैं। तभी हमारा जीवन धन्य हो जाएगा। जीवन की सारी कठिनाइयां दूर हो जाएंगी। पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत और विधायक नरपत सिंह राजवी एवं प्रताप सिंह सिंघवी समेत अनेक श्रद्धालुओं ने महाराज के दर्शन किए। श्रीरामानंद आध्यात्मिक सेवा समिति के अध्यक्ष गजानंद अग्रवाल ने बताया कि महाराज शुक्रवार को महाराजपुरा, बस्सी के चमत्कारेश्वर हनुमान मंदिर के पाटोत्सव में शामिल होंगे।

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