-भागसिंह

जयपुर। 13 मई 2012 का वो दिन मैं कभी नहीं भूल पाता हूं। गांव में पेड़ की छांव तले दो अन्य लोगों के साथ बातचीत कर रहा था। तभी एकाएक छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमले की खबर सुनने में आई। पता चला कि उसमें कुछ जवान शहीद हुए हैं। यह सुनकर एकाएक झटका सा लगा। हम लोग उठकर चले गए। मैं भी गांव से बाहर चले गया। शाम को लौटा तो घर के बाहर लोगों की भीड़ सी जुटी थी। रोने चिल्लाने की आवाज सुनकर ठिठका, तेज कदमों से घर पहुंचा तो पता चला कि उस हमले में मेरा प्रकाश भी शहीद हो गया। साहब वो दिन आज भी मेरे जहन में एकाएक उभरकर आता है तो आंखों से आंसू बह निकलते हैं। यह कहना है कि 13 मई 2012 को छत्तीसगढ़ के नक्सली हमले में शहीद हुए प्रकाशचंद मीणा के पिता श्रीकृष्ण मीणा का। जो आज भी अपने पुत्र को याद करते हुए फफक पड़ते हैं। 13 मई के उस काले दिन को वे अपने जीवन में कभी नहीं भूला पाते। जिसने उसके घर के प्रकाश को सदैव के लिए अंधेरे के आगोश में ले लिया।

-देश पर मर मिटने का था जुनून
श्रीकृष्ण ने बताया कि प्रकाश शुरू से ही देश की सेवा का सपना मन में पाले हुए था। स्कूली जीवन में जब भी राष्ट्रीय पर्व आते तो वो देशप्रेम से ओतप्रोत ही दिखता, कहा पापा मैं भी सेना में जाऊंगा, देश की रक्षा करुंगा। इसी के चलते वह सीआरपीएफ में भर्ती हुआ। छुट्टी पर आता तो गांव में युवाओं व छोटे बच्चों को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करता।

-शहादत को भूल गए नेता
शहीद प्रकाश के पिता ने बताया कि प्रकाश की यादों को अमर बनाए रखने के लिए गांव वालों ने उसकी प्रतिमा स्थापित करने की बात कही। मेरे पास जमीन नहीं थी, ऐसे में प्रतिमा स्थल के लिए अपने खर्चे से जमीन खरीदी और प्रतिमा का निर्माण कराया। लेकिन देश के नेता उसकी शहादत को भूल गए। यही वजह रही कि शहादत को 4 साल पूरे होने के उपरांत उसकी प्रतिमा के अनावरण को लेकर किसी नेता स्वीकृति नहीं दी। शहीद प्रकाश की प्रतिमा अनावरण के लिए नेताओं की बाट जोहती रही। पूर्व सीएम अशोक गहलोत के साथ वर्तमान सीएम वसुंधरा राजे तक उसकी प्रतिमा के अनावरण के लिए समय नहीं निकाल पाई। प्रकाश के साथ शहीद हुए बांसखोह निवासी शहीद अशोक वर्मा की प्रतिमा का अनावरण तत्कालिन केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश व सीएम अशोक गहलोत ने किया। लेकिन प्रकाश के मामले में किसी ने समय नहीं दिया।

-केन्द्रीय मंत्री कर्नल राठौड़ रहे गंभीर
इधर केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री व स्थानीय सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का दौरा गांव की ओर हुआ, तो ग्रामीणों ने ने उनका ध्यान इस ओर खींचा। इस पर उन्होंने तत्काल अनावरण कार्यक्रम को स्वीकृति दे दी। कर्नल राठौड़ ने कहा कि वे शहादत वाले दिन ही 13 मई को शहीद प्रकाश चंद मीणा की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

-नहीं मिला शहीद पैकेज
शहीद प्रकाश के परिवार के सदस्य व मुख्य प्रबंधक (एसबीआई) बीएल मीणा ने बताया कि शहीद के परिवार को सीआरपीएफ की ओर से तो सहायता मिल गई। लेकिन शहीद होने पर राज्य सरकार व केन्द्र की ओर से जो पैकेज दिया जाता है। वो आज तक इस परिवार को नहीं मिल सका। इस मामले में केन्द्र व राज्य सरकार तक शहीद के परिवार ने पत्र लिखे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब शहीद प्रकाश की प्रतिमा के अनावरण वाले दिन ही केन्द्रीय मंत्री के समक्ष मामले को उठाया जाएगा।

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