अहमदाबाद। गुजरात में राज्यसभा चुनाव में हुए भारी हंगामे में एक तरफ तो जहां गहलोत, वाघेला, अहमद पटेल, अमित शाह का नाम चर्चा में हो तो वहीं दूसरी और सीईसी अचल कुमार जोति है जो इन सब पर भारी है जिन्होंने मतगणना के दौरान हुए सारे घटनाक्रम को बड़ी ही कुशलता से बिना किसी राजनीतिक दबाव के संभाला और अपने दायित्व को निर्पणता से अंजाम दिया। लोग बात कर रहे थे कि मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोति ने किस तरह सत्ताधारी बीजेपी के विरोध से बेअसर रहकर दो बागी कांग्रेसी विधायकों की वोटों को खारिज कर दिया। हालांकि, जिन अफसरों ने जोति के साथ काम किया है, वे ज्यादा हैरान नहीं हैं।

उनका कहना है कि बेहद मृदुभाषी जोति नियमों से चलने वाले इंसान हैं। जोति 1975 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अफसर हैं। उन्होंने गुजरात के चीफ सेक्रटरी के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी हैं। मंगलवार को जब कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में अपने दो विधायकों के बीजेपी के पक्ष में दिए गए वोटों को खारिज करने का मुद्दा उठाया तो गांधीनगर में बैठे जोति के जूनियर सहकर्मी जानते थे कि नतीजे आते-आते रात हो जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि जोति ‘शब्द दर शब्द रूल बुक के हिसाब से चलेंगे। 17 साल तक जोति के साथ काम कर चुके एक सीनियर आईएएस अफसर ने यह बात कही है। जोति ने बतायाकि रिर्टनिंग अफसर की रिपोर्ट पर विचार किया और विडियो रिकॉर्डिग भी चेक किया। इसके बाद हमने दोनों वोटों को कैंसल करने का फैसला किया। जोति ने बताया कि वोटों को अवैध घोषित करने से पहले आयोग ने कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से विचार किया। आयोग ने मिलते-जुलते मामलों पर जारी पिछले सर्कुलरों का अध्ययन किया।

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