Pradyumna murder case

नयी दिल्ली। सनसनीखेज प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआई ने गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल के ग्यारहवीं कक्षा के एक छात्र को पकड़ा है। आरोपी छात्र ने कथित तौर पर इस अपराध को अंजाम इसलिए दिया क्योंकि वह चाहता था कि पूर्व निर्धारित पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) और परीक्षा टल जाए। मामले में आए हैरतंगेज मोड़ में लगभग 16 वर्ष के हाइस्कूल के एक छात्र को स्कूल के भीतर अपने जूनियर की हत्या के आरोप में कल देर रात पकड़ा गया। सीबीआई के प्रवक्ता ने यह बताया।स्कूल के दूसरी कक्षा के छात्र सात वर्षीय प्रद्युम्न की आठ सितंबर को सुबह स्कूल में ही हत्या कर दी गई थी। उसका गला किसी धारदार हथियार से रेता गया था। सीबीआई को बस कंडक्टर अशोक कुमार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। बेहद निर्मम तरीके से की गई हत्या के मामले में गुरुग्राम पुलिस उसे ही आरोपी मान रही थी। सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि हत्या में इस्तेमाल हुआ हथियार, एक चाकू, उस शौचालय के कमोड में मिला है जहां कथित तौर पर हत्या हुई थी। यह वही चाकू है जो गुरुग्राम पुलिस ने बरामद किया था।एजेंसी का मानना है कि ग्यारहवीं कक्षा का छात्र पढ़ाई में कमजोर है और उसने कथित तौर पर प्रद्युम्न का गला इसलिए रेता था ताकि स्कूल में अवकाश घोषित हो जाए और पूर्व निर्धारित पीटीएम तथा परीक्षा टल जाए। दयाल ने बताया कि नाबालिग छात्र को कल रात करीब साढ़े ग्यारह बजे किशोर न्याय कानून (जेजे अधिनियम) के प्रावधानों के तहत पकड़ा गया। उन्होंने कहा, ‘‘ आरोपी के अभिभावकों को पूरी तरह से सूचित रखा गया और जेजे अधिनियम के तहत सभी प्रावधानों का पालन किया गया। हमारे लिए वह मुख्य संदिग्ध है। ’’ उन्होंने बताया कि एजेंसी ने सीसीटीवी फुटेज को देखा जिसमें लोग शौचालय के भीतर और बाहर आते-जाते नजर आ रहे हैं। उसी के आधार पर एजेंसी ने संदिग्धों की सूची में काट-छांट की। एजेंसी को यौन हमले का कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है।सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच-पड़ताल, स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और अन्य स्टाफसे पूछताछ और अपराध स्थल के विश्लेषण के आधार पर सीबीआई अपराध की कड़ियां जोड़ पाई। सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल नेबताया कि नाबालिग छात्र को कल रात करीब साढ़े ग्यारह बजे किशोर न्याय कानून (जेजे अधिनियम) के प्रावधानों के तहत पकड़ा गया।उन्होंने कहा, ह्यह्य आरोपी के अभिभावकों को पूरी तरह से सूचित रखा गया और जेजे अधिनियम के तहत सभी प्रावधानों का पालन किया गया।हमारे लिए वह मुख्य संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने सीसीटीवी फुटेज को देखा जिसमें लोग शौचालय के भीतर और बाहर आते जाते नजर आ रहे हैं। उसी के आधार पर एजेंसी ने संदिग्धों की सूची में काट-छांट की।

एजेंसी को यौन हमले का कोई साक्ष्य भी नहीं मिला है। सूत्रों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अपराध स्थल के विश्लेषण के आधार पर एजेंसी ने मामले के सभी संदिग्धों की जांच की। सीबीआईके विशेष अपराध दल ने सभी संदिग्धों के मोबाइल रिकॉर्ड जांच और देखे।सीबीआई के प्रवक्ता दयाल ने बताया कि हालांकि ग्यारहवीं कक्षा के छात्र ने हत्या की योजना आठ सितंबर को ही बना ली थी लेकिन कानूनकी नजर में आए नाबालिग ने यह तय नहीं किया था वह किसको मारेगा।सूत्रों के मुताबिक संयोग से प्रद्युम्न शौचालय में पहुंच गया और सीनियर छात्र की भयावह योजना का शिकार बन गया। जांच अभी भी जारीहै।सीबीआई जिस निष्कर्ष पर पहुंची है वह गुरुग्राम पुलिस के लिए शर्मिंदगी का कारण बनेगा क्योंकि उसने हत्या का दोष अशोक कुमार परलगाया था और कहा था कि वह चाकू के साथ शौचालय में इंतजार कर रहा था।पुलिस ने 14 एसआईटी दल बनाए थे।बस कंडक्टर कुमार सोहना के घामदोज गांव का रहने वाला है। उसे स्कूल में सात महीने पहले ही नौकरी मिली थी।कुमार के गांववालों का कहना है कि उसे इस मामले में फंसाया गया है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। प्रद्युम्न के पिता ने मीडिया से कहा , इस छात्र की गिरफ्तारी के साथ ही यह साबित हो गया कि पुलिस की जांच को लेकर हमारा संदेहसही था।

 

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