जयपुर। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार सतत प्रयासरत है। सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, वित्त विभाग एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में पेयजल परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, वित्तीय सुदृढ़ीकरण, मानव संसाधन प्रबंधन तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य में पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाने हेतु 80,000 करोड़ रुपये के व्यावहारिक एक्शन प्लान को अंतिम रूप देने का मार्ग प्रशस्त किया गया। मुख्य सचिव ने वित्त विभाग एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को परस्पर समन्वय से इस योजना को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि केंद्र एवं राज्य सरकार के वित्तीय सहयोग का पूर्ण उपयोग करते हुए सभी महत्वपूर्ण पेयजल परियोजनाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकें। राज्य में पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं को जन-सामान्य को समर्पित करने तथा ग्रामीण स्तर पर हस्तांतरित करने के लिए शीघ्र ही व्यापक जल अर्पण कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। इसके प्रथम चरण में 1,200 से अधिक योजनाओं की जलापूर्ति संरचनाओं को पंचायती राज संस्थाओं के सहयोग से सुचारू रूप से संचालित कर समुदाय को समर्पित किया जाएगा। पेयजल योजनाओं के प्रभावी पर्यवेक्षण हेतु विभागों में तकनीकी मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। भर्ती परीक्षाओं तथा आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए समयबद्ध कैलेंडर निर्धारित कर  शीघ्र ही आवश्यक मानव संसाधन की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। राजस्थान ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता निगम को प्रभावी कार्यान्वयन संस्था बनाने के लिए 3 हजार कनिष्ठ तकनीकी सहायकों के सृजन एवं आईबीपीएस के माध्यम से पारदर्शी चयन हेतु आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान की जा रही हैं। साथ ही निगम में प्रोक्योरमेंट एवं तकनीकी समितियों के गठन से खरीद एवं प्रबंधन प्रक्रिया को गति मिलेगी। गांवों में पेयजल योजनाओं के दीर्घकालिक एवं सफल संचालन हेतु राज्य की संचालन एवं रख—रखाव (ओ एंड एम) नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को पंचायती राज की स्थायी समिति के रूप में सशक्त बनाकर पेयजल वितरण, रख—रखाव तथा एफटीके किट द्वारा जल गुणवत्ता जांच का दायित्व सौंपा जा रहा है। सुजलम शक्ति समूहों एवं नल जल मित्रों के कौशल प्रशिक्षण से ग्रामीण युवाओं एवं महिला समूहों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, वित्त विभाग एवं पंचायती राज विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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