अजमेर। बाल्मीकि समाज एकता मंच के तत्वाधान में गोगा मेडी मंदिर पर विशाल बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें डोर-टू-डोर व्यवस्था के द्वारा कचरा संग्रहण व्यवस्था को शीघ्र बंद कराने का निर्णय लिया गया है। बाल्मीकि समाज एकता मंच के अध्यक्ष महेश लखन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस व्यवस्था से वाल्मीकि समाज के नीचले स्तर के व्यक्तियों के जीवनयापन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वह भूखे मरने की स्थिति में है। सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिये और उन परिवारों के हित में सोचना चाहिये। साथ ही 1400 कर्मचारियों की संख्या कागजों में बताया जाता है जबकि केवल 700 कर्मचारी ही कार्य कर रहे है। बाकी बंदर बाट में चले जाते है। सफाई कर्मचारी को न्यूनतम मजदूरी 300 दी जानी चाहिए। जिसका भुगतान भी उनके व्यक्तिगत खाते में होना चाहिये ना कि 5.7 व्यक्तियों का एक चैक से भुगतान हो। इन्हें सुरक्षा के भी साधन मुहैया नहीं करायें जाते है। इसका स्वास्थ्य परिक्षण भी समय.समय पर किया जाना चाहिए। पीण्एफण् भी काटा जाना चाहिये। लखन ने बताया कि वाल्मीकि एकता मंच ने पुरजोर से आहवान में चेतावनी दी है कि वर्ष 1985 के बाद से सफाई कर्मचारी की भर्ती नहीं की गई है। अगर सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आन्दोलन किया जायेगा। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।

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