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मुंबई : विदेशी यात्राओं तथा विदेश में अध्ययन के बढ़ते चलन के कारण जून 2015 के बाद बाहर भेजी गयी कमाई करीब आठ गुना बढ़ गयी है। जून 2015 में रिजर्व बैंक ने बाहर भेजी जाने वाली राशि की ऊपरी सीमा दस गुना बढ़ाकर सालाना 2.5 लाख डॉलर कर दी थी।

दक्षिणपूर्वी एशिया में एक देश से दूसरे देश में पैसे भेजने की सुविधा प्रदान करने वाली कंपनी इंस्टारेम की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘जून 2015 के 14.07 करोड़ डॉलर की तुलना में विदेश भेजी जाने वाली कमाई सितंबर 2017 में बढ़कर 1.09 अरब डॉलर पर पहुंच गयी।’’ इसके अलावा 2016 में विदेश भेजी जाने वाली राशि 4.6 अरब डॉलर रही थी। यह 2015 के 1.6 अरब डॉलर की तुलना में 250 प्रतिशत अधिक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह तेजी मुख्यत: विदेशी यात्राओं के कारण है। कुल भेजी गयी राशि में विदेशी यात्राओं की 31.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके बाद करीबी संबंधियों के खर्च के लिए भेजी गयी राशि की 26.55 प्रतिशत हिस्सेदारी और विदेशों में अध्ययन पर हुए खर्च की 18.80 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

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