रोहतक। योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ रोहतक के जिला एवं सत्र न्यायालय ने जरिए जमानती वारंट तलब किया है। योग गुरु पर आरोप है कि गत वर्ष रोहतक में संपन्न हुए सदभावना सम्मेलन के दौरान उन्होंने विवादित बयान दिया था। उस सम्मेलन के दौरान योग गुरु ने कहा था कि भारत मां की जय बोलने के मामले में कुछ लोग टोपी पहनकर कहते हैं कि भले सिर कट जाए, लेकिन भारत मां की जय नहीं बोलेंगे। उन लोगों को मैं कह देना चाहता हूं कि हमारे हाथ कानून की डोर से बंधे हैं, नहीं तो हम भी हिम्मत रखते हैं, लाखों सिर काट सकते हैं। इस बयान की विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की थी। वहीं योग गुरु के बयान को लेकर कांग्रेसी नेता सुभाष बत्रा ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने की अपील की। जब पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो बत्रा ने अदालत की राह पकड़ी। जिस अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट हरीश गोयल ने प्रसंज्ञान लेते हुए बाबा रामदेव के खिलाफ समन जारी किया। लेकिन वे अदालत में पेश नहीं हुए। इस मामले में तारीख के दौरान अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। अदालत ने आदेश जारी करते हुए रामदेव को जमानत के तौर पर एक लाख रुपए का निजी मुचलका भरने को कहा है।

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