नई दिल्ली। नए नोटों की छपाई के मामले में मंगलवार को संसद में जमकर हंगामा हुआ। कांगे्रस ने राज्यसभा में 500 रुपए के दो नोटों की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया उनका आकार और डिजाइन अलग-अलग है। कांग्रेस पार्टी ने इसे सदी का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया।

कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमने भी शासन किया, लेकिन दो तरह के नोट कभी नहीं छापे। एक पार्टी के लिए, एक सरकार के लिए, दो तरह के 500 रुपए के नोट और दो तरह के 2 हजार रुपए के नोट। इस दौरान वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मुद्रा के मामले में इस मुद्दे को गैर जिम्मेदाराना बताया और शून्य काल का दुरुपयोग करने का आरोप जड़ा। जेटली बोले कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि आप कोई भी कागज का टुकड़ा लहराकर उसे मुद्दे का रुप देने की कोशिश करेंगे। देश की मुद्रा के बारे में यह गैरजिम्मेदारानाा बयान दिया जा रहा है, शून्यकाल का दुरुपयोग किया जा रहा है।

-बोले सिब्बल-अब पता चला नोटबंदी का फैसला क्यों किया
अरुण जेटली के जवाब के बाद कांग्रेस के सदस्यों ने जमकर नारे लगाए और सदन क बीच एकत्रित होकर जेटली को घेरने का प्रयास किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि अब जाकर पता चला कि आखिरकार सरकार ने नोटबंदी का फैसला क्यों किया था। आरबीआई दो तरह के नोट छाप रहा है, जिनके आकार व डिजाइन अलग-अलग है। सिब्बल का समर्थन टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन ने भी किया।

-कराएंगे जांच
विपक्ष के तीखे हमले को देख सरकार को बचाव की मुद्रा में आना पड़ा और अरुण जेटली ने कहा कि वह इन नोटों की प्रमाणिकता की जांच कराएंगे। नोटों के डिजाइन में मामूली सा अंतर मुमकिन हो सकता है, सरकार ने नोटों के दो सेट छापने के लिए नहीं कहा था। अलग-अलग प्रिंटिग पे्रसों में आकार और डिजाइन में मामूली सा अंतर हो सकता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि बैंक दो अलग-अलग तरह के नोट छाप रहा है।

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