देहरादून। लैंसडौन सेना के सेंटर से पिछले साल चार लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीजी) प्रताप सिंह रावत की संपत्ति की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीबीआई जांच में आरोपी के पास आय से करीब चार गुना अधिक संपत्ति मिली है। सीबीआई ने अब क्लर्क के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति को लेकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

सीबीआई दून रीजन के एएसपी अखिल कौशिक ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि डिप्टी एसपी अनिल चंदौला ने आरोपी की संपत्ति की जांच की। जांच में आरोपी की 1.24 करोड़ रुपये संपत्ति मिली। जबकि यह संपत्ति वेतन की बचत के हिसाब से 35 लाख रुपये से अधिक नहीं हो सकती थी। ऐसे में सीबीआई ने पीएस रावत को आय के अधिक संपत्ति का आरोपी मानते हुए सीबीआई की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जबकि रिश्वत को लेकर क्लर्क के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अब क्लर्क को सीबीआई के दो-दो मुकदमों का सामना करना होगा। घर के पीछे पड़े मिले थे 55 लाख- सीबीआई के एएसपी कौशिक ने बताया कि जिस वक्त पीएस रावत को ट्रैप किया गया था तब उनकी पत्नी ने इसका पता लगते ही घर में रखे 55 लाख रुपये बोरे में बंद कर घर के पीछे फेंक दिए थे। उक्त रकम भी सीबीआई ने बरामद कर सीज कर दी थी। इसके बाद संपत्ति की जांच की गई। जिसमें पता लगा कि रावत ने कई प्लाट खरीदे हुए हैं। जबकि कई इंश्योरेंस और फंड कंपनियों ने भी उसने बड़ा निवेश किया हुआ है। सीबीआई ने इसके दस्तावेज जुटाने के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

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