Nims-University
जयपुर। उच्चतम न्यायालय ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर जयपुर के निम्स मेडिकर यूनिवर्सिटी पर बड़ा हर्जाना लगाते हुए इसकी दो याचिकाओं को खारिज कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट के अवैध निर्माण हटाने के आदेश को चुनौती देते हुए निम्स यूनिवर्सिटी ने ये याचिकाएं लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों याचिकाओं खारिज कर निम्स प्रबंधन पर बीस लाख रुपए का हर्जाना लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर विकास प्राधिकरण को आदेश दिए हैं कि वह निम्स यूनिवर्सिटी के अवैध निर्माणों और अतिक्रमण को हटा दे। तीस नवम्बर तक ये सभी अतिक्रमण हटाए जाए।
सुप्रीम कोर्ट की इस सख्ती और आदेश के बाद अब नदी-नाले की जमीन पर खड़ी गई इमारतें तोड़ी जा सकेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से निम्स यूनिवर्सिटी प्रबंधन को बड़ा झटका लगा है। प्रबंधन ने बड़ी सरकारी लैण्ड और जलाशय की भूमि पर अवैध अतिक्रमण करके हॉस्टल की इमारतें खड़ी कर ली है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से ये अतिक्रमण हटने तय है, साथ ही कई बीघा में हो रखे अतिक्रमण भी हटेंगे। गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने भी नदी-नालों की जमीन पर अवैध अतिक्रमण करने के मामले में सरकार और जेडीए को आदेश दिए थे कि वह निम्स मेडिकर यूनिवर्सिटी परिसर में हो रखे अतिक्रमणों को हटाए। इस आदेश के कई महीनों तक राजस्थान सरकार व जेडीए ने कोई एक्शन नहीं लिया और ना ही अतिक्रमण हटाने की जहमत उठाई। हाईकोर्ट के इस आदेश को निम्स प्रबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी, जिसके चलते यह मामला अटक गया था। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से निम्स परिसर से अतिक्रमण हट सकेंगे।

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