Bhima koregaon violence
Arvind Ganpat Sawant, resignation, accept

मुंबई : शिवसेना ने आज महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार के पास सरकारी मशीनरी तथा पुलिस का इस्तेमाल कर चुनाव लड़ने के अलावा कोई और काम नहीं है। भाजपा पर अक्सर तंज कसती रही उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने कहा कि यह समय है जब सरकार को दुश्मनों से लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।

पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में कहा गया, “ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं जो फडणवीस सरकार की क्षमताओं और उसके रुख पर सवाल उठाती हैं। भीमा-कोरेगांव घटना पर मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं लेकिन हर सरकार यही काम करती है। इसमें नया क्या है?” शिवसेना ने कहा कि सामाजिक अशांति फैलाने के लिए पर्दे के पीछे से काम कर रहे शरारती तत्वों और तनाव उत्पन्न करने के वास्ते अन्य राज्यों से आ रहे लोगों के बारे में सरकार के पास जानकारी होनी चाहिए थी।

संपादकीय में आरोप लगाया गया, “गृह विभाग पर भाजपा का नियंत्रण और पुलिस विभाग में राजनीति के कारण राज्य को बुरे परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। जब सरकारी तंत्र और पुलिस का इस्तेमाल केवल चुनाव लड़ने के लिए रह जाए तो हिंसक घटनाएं होती हैं।” पार्टी ने कहा कि सरकार को उचित तरीके से काम करना चाहिए और शिवसेना से लड़ने के लिए पूरा जीवन पड़ा है। महाराष्ट्र और केंद्र सरकार की अक्सर आलोचना करती रही पार्टी ने कहा, “आप अपनी पूरी ताकत राजनीतिक तरीके से शिवसेना को खत्म करने में बाद में लगा सकते हैं। अभी के लिए, इस ताकत का इस्तेमाल दुश्मनों से लड़ने के लिए किया जाना चाहिए।”

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