daso seeeeo bole: deel ko lekar poorv raashtrapati olaand ka bayaan sahee nahin tha

जयपुर। राफेल डील में भ्रष्टाचार को लेकर घिरी केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की मुसीबत बढ़ती जा रही है। इस डील में 35 हजार करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप कांग्रेस समेत दूसरे दल लगा रहे हैं। इस डील में हुए करप्शन को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केन्द्रीय वित्तमंत्री रहे और पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिंहा के नाम से शिकायत सीबीआई को दी गई है। यह शिकायत भाजपा के ही पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण शौरी और जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने सीबीआई डायरेक्टर से मिलकर शिकायत दी है। लिखित परिवाद के साथ वे सभी तथ्य और दस्तावेज पेश किए हैं, जिसमें राफेल डील को लेकर करप्शन की शिकायतें है। शाम चार बजे सीबीआई कार्यालय नई दिल्ली में शिकायत दी गई है।

कार्यालय के बाहर प्रशांत भूषण और अरुण शौरी ने मीडिया से कहा कि राफेल डील में हुए करप्शन को लेकर सीबीआई डायरेक्टर से मिले हैं और इस मामले में एफआईआर की रिक्वेस्ट की गई है। करप्शन संबंधित दस्तावेज दिए हैं। अगर सीबीआई ने केस दर्ज नहीं किया तो सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल लगाई जाएगी। उधर, यशवंत सिंहा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण के इस कदम से मोदी सरकार और पार्टी को गहरा झटका लगा है। क्योंकि कांग्रेस व दूसरे दल तो सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं, बल्कि भाजपा के ही वरिष्ठ नेता इस मामले में अब खुलकर सामने आ गए हैं और शिकायत भी दे रहे हैं। इस शिकायत को नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी मानी जा रही है, जो मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से वरिष्ठ नेताओं को हाशिये पर डाल देने से पनपी है। यशवंत सिंहा ने तो एक मंच भी बना रखा है, जिसके माध्यम से वे लोकतंत्र को बचाने को लेकर पूरे देश में भ्रमण कर रहे हैं।

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