जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए ताकि आमजन को सीमाज्ञान, नामन्तरण एवं राजस्व से जुड़े अन्य दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें। उन्होंने नामान्तरण की पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस करने का काम जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए ताकि काश्तकार ई-मित्र एवं मोबाइल एप धरा के माध्यम से आवेदन कर ऑनलाइन नामान्तरण प्राप्त कर सकें।
गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास से वीसी के माध्यम से आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पेपरलेस नामान्तरण के लिए नियमों में संशोधन करने एवं राजस्व संबंधी कानूनों के सरलीकरण की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा। साथ ही राजस्व वादों के निस्तारण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं इसकी पर्याप्त मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में राजस्व विभाग के अधीन आवंटन योग्य सरकारी भूमि का लैण्ड बैंक बनाने के निर्देश दिए ताकि राज्य स्तर पर आवंटन के लिए भूमि उपलब्ध हो सके। गहलोत ने कृषि रहन पोर्टल का काम भी जल्दी पूरा करने को कहा ताकि कृषि ऋण प्राप्ति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सके। उल्लेखनीय है कि इस पोर्टल के माध्यम से किसान कृषि ऋण के लिए किसी भी बैंक में ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि एग्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए किसानों को अपनी कृषि भूमि का रूपान्तरण करवाने की आवश्यकता नहीं है। किसानों को इसके बारे में जागरूक कर उन्हें अपनी जमीन पर खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने पटवारी भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए ताकि राजस्व से संबंधित कार्य समय पर पूरे हो सकें।
गहलोत ने डिजिटल इण्डिया लैण्ड रिकॉर्ड मॉडर्न प्रोग्राम के तहत शेष बची तहसीलों को ऑनलाइन करने, ऑनलाइन हो चुकी 239 तहसीलों में गिरदावरी की ऑनलाइन प्रक्रिया तथा पटवारी एवं गिरदावरों की ट्रेनिंग के बारे में भी जानकारी ली।

बैठक में प्रमुख शासन सचिव राजस्व आनन्द कुमार ने बताया कि स्वचालित नामान्तरण हेतु पायलट प्रोजेक्ट के तहत चौमूं एवं दूदू तहसील में 1780 स्वचालित नामान्तण दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन, राजस्व वादों के निस्तारण की स्थिति एवं राजस्व कानूनों के सरलीकरण की दिशा में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
बैठक में राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री हरीश चौधरी, राजस्व राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी, भू-प्रबन्ध आयुक्त विश्व मोहन शर्मा एवं रजिस्ट्रार राजस्व मण्डल नम्रता वृषनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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