jaipur.“उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य पूरा न हो जाए”- श्रद्धेय स्वामी विवेकानंद की जयंती पर उनके ओजस्वी शब्दों और समृद्ध विचारों को स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने सेवा और त्याग के आदर्शों पर जोर दिया। युवा शक्ति में उनकी आस्था अटूट थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार और आदर्श करोड़ों भारतीयों, विशेषकर हमारे युवाओं को प्रेरित और उत्साहित करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम उनके विचारों से एक ऐसे भारत के निर्माण की प्रेरणा लें, जो दृढ़, जीवंत, समावेशी और कई क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखता हो।

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