Bribe-trap-case

जयपुर। पाक हिन्दू विस्थापितों को बिना जांच पड़ताल के केवल 12-12 हजार रुपए में देश की नागरिकता देने का बड़ा खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जोधपुर ग्रामीण टीम ने जोधपुर से केन्द्रीय गृह मंत्रालय के यूडीसी को गिरफ्तार किया है। यह खुद को गृह मंत्रालय में एडिशनल प्रिंसिपल सैकेट्ररी बताकर पाक विस्थापितों को नागरिकता दिलाने के लिए 12 से 15 हजार रुपए ले रहा था। एसीबी टीम ने जोधपुर में पाक विस्थापितों को नागरिकता दिलाने के गोरखधंधे का खुलासा करते हुए बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने यूडीसी पी. के. मिश्रा को पकड़ा है। खुद को एडिशनल प्रिंसिपल सैकेट्ररी बताने वाला यह बाबू नागरिकता दिलाने के नाम पर 12 से 15 हजार रुपए वसूल रहा था। टीम ने आरोपी के पास नागरिकता लेने पहुंचे तीन पाक विस्थापितों को भी हिरासत में लिया है।

यह रिश्वत देकर देश की नागरिकता लेना चाहते थे। एसीबी की टीम इनसे पूछताछ कर रही है। एसीबी सूत्रों की माने तो पी.के. मिश्रा दलालों को अधिकारी बताता था। कैंप में नागरिकता दिलाने का झांसा देता था। एसीबी और गृह मंत्रालय को हिन्दू सिंह सोढ़ा जांच कराने की बात कहे तो बिना रिश्वत नहीं मिली होगी नागरिकता। ने शिकायत की थी। अशोक भगवान और गोविंद को पकड़ा है। यह नागरिकता लेने आए थे।

महानिरीक्षक अजयपाल लाम्बा ने पकड़ा है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जयपुर से भी टीम पहुंची है। जयपुर ले जाया जा सकता है। कई अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। यहां के स्थानीय अधिकारियों से मिलीभगत हो सकती है। कुछ समय बाद इससे पर्दा उठ सकता है।

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