132 crores spent on TA-DA bill on MPs

delhi.सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) ने बीमार एवं घाटे में चल रहे केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों (सीपीएसई) के समयबद्ध परिसमापन एवं उनकी परिसम्पत्तियों के निपटारे के लिए 14 जून, 2018 को दिशा-निर्देशों को संशोधित कर दिया। इन संशोधित दिशा-निर्देशों ने 7 सितंबर, 2016 को जारी पूर्ववर्ती दिशा-निर्देशों का स्थान लिया है। इस आशय की जानकारी भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने आज राज्य सभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

नए दिशा-निर्देशों में उस कदम दर कदम प्रक्रिया के लिए समय सीमा का उल्लेख किया गया है जिसे बंद किए जा रहे सीपीएसई द्वारा पूरा किया जाना है। किसी भी सीपीएसई को बंद करने एवं उनकी परिसंपत्तियों के निपटारे की पूरी प्रक्रिया को शून्य तिथि (सरकार द्वारा किसी बीमार एवं घाटे में चल रहे सीपीएसई के परिसमापन की मंजूरी की जानकारी देने वाले विवरण को जारी करने की तिथि) से लेकर अगले 13 माह की अवधि में पूरा किया जाना है।

नए दिशा-निर्देशों में बंद किए जाने वाले सीपीएसई की भूमि का उपयोग किफायती मकानों के निर्माण के लिए करने को प्राथमिकता दी गई है। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किफायती मकानों हेतु चिन्हित भूमि के लिए निपटारे से जुड़ी प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा।

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