जयपुर। केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में जल्द फेरबदल की संभावना है। बजट सत्र की समापन के बाद यह फेरबदल हो सकता है। इस फेरबदल में कुछ केन्द्रीय मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता हैं, वहीं एकाध राज्यों के मुख्यमंत्रियों को केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में जगह मिल सकती है। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद रक्षा मंत्री का पद खाली है। इसका प्रभार केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के पास है। केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है। ऐसे में उन्हें इस महत्वपूर्ण विभाग से हटाकर दूसरे विभाग का मंत्री बनाया जा सकता है। 75 साल की उम्र पार चुके केन्द्रीय मंत्री कलराज मिश्र का मंत्री पद जा सकता हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी के 75 साल पार नेता को मंत्री पद नहीं देने की नीति के चलते मिश्र की मंत्री पद से छुट्टी हो सकती हैं। उन्हें किसी राज्य का गवर्नर बनाया जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री या विदेश मंत्री का प्रभार राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को दिया जा सकता है। इस संबंध में पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी गहन मंथन कर चुके हैं। वैसे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह का नाम भी केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में चल रहा है। हालांकि तीनों ही मुख्यमंत्री केन्द्र में नहीं जाने के बारे में पार्टी नेतृत्व को अवगत करा चुके हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व का मानना है कि रक्षामंत्री व विदेश मंत्री के लिए अनुभवी वरिष्ठ नेता की आवश्यकता है। वसुंधरा राजे पूर्व में भी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। मीडिया रिपोट्र्स और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी नेतृत्व राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में लेने का इच्छुक हैं। इस संंबंध में अपनी मंशा राजे को जाहिर कर चुके हैं। उनके राजनीतिक अनुभव को देखते हुए पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेता भी वसुंधरा राजे को केन्द्रीय केबिनेट में जगह देने की वकालत कर रहे हैं। केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में फेरबदल में मध्यप्रदेश, गुजरात व छत्तीसगढ़ के मंत्रियों को महत्वपूर्ण जगह मिल सकती हैं और इन राज्यों के एक-दो वरिष्ठ सांसदों को राज्यमंत्री का पद मिल सकता हैं। इसी साल तीनों राज्यों में विधानसभा चुनाव के चलते यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। फेरबदल में राजस्थान के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, अर्जुनराम मेघवाल, पी.पी.चौधरी में से किसी एक को स्वतंत्र तौर पर महत्वपूर्ण प्रभार मिल सकता हैं।
– वसुंधरा राजे के बाद सीएम कौन
अगर केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे को जगह मिलती हैं तो उनकी जगह पर मुख्यमंत्री पद कौन संभालेगा, इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है। वैसे भी यूपी चुनाव के बाद से वसुंधरा राजे के केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में शामिल होने व उनकी जगह किसी अन्य को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा काफी चल रही है। हालांकि राजस्थान के प्रभारी वी.सतीश व दूसरे आला नेता ऐसी किसी भी संभावना को इंकार कर चुके हैं। अंदरखाने अभी भी सीएम बदले जाने और राजे के केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में शामिल होने की खूब चर्चाएँ हैं। विरोधी गुट ही नहीं संगठन से जुड़े नेता भी इस बारे में संकेत दे रहे हैं कि अप्रेल में राजस्थान की राजनीति में बड़ा फेरबदल हो सकता है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में जाने से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश माथुर, गुलाब चंद कटारिया, जोधपुर के सांसद गजेन्द्र सिंह राठौड़, पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़, बीकानेर सांसद व मंत्री अर्जुनराम मेघवाल समेत कुछ अन्य नेताओं के नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में माने जा रहे हैं।

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