Pmla case

नयी दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की एक अदालत में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती और उनके पति के खिलाफ धनशोधन मामले में दूसरा आरोपपत्र दायर किया जिसके बाद अदालत ने आज दोनों आरोपपत्रों पर पांच फरवरी को विचार करने का फैसला किया।मीसा और उनके पति शैलेश कुमार के खिलाफ जांच के सिलसिले में ईडी के बार बार आरोपपत्र दायर करने से नाराज विशेष न्यायाधीश एन के मल्होत्रा ने सुनवाई शुरू ना होने देने के लिए एजेंसी को फटकार लगायी।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या आप सुनवाई शुरू करने देंगे या शिकायत ही दायर करते रहेंगे? आप कितने पूरक आरोपपत्र दायर करेंगे? आप एक प्रमुख जांच एजेंसी हैं। आप इस तरह से व्यवहार नहीं कर सकते। यह गलत तरह से तैयार की गयी शिकायत है।’’ अदालत ने मीसा और कुमार के खिलाफ गत 23 दिसंबर, 2017 को दायर आरोपपत्र का संज्ञान नहीं किया था। ईडी के विशेष वकील अतुल त्रिपाठी के मामले में और दलीलें पेश करने के लिए समय मांगने के बाद अदालत ने दोनों आरोपपत्रों पर विचार के लिए पांच फरवरी का दिन तय कर दिया।

मामले में ईडी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया है। राजेश के वकील विजय अग्रवाल ने मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का शोधन करने के आरोपी भाइयों सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र जैन की जमानत याचिका लंबित पड़े होने का हवाला देते हुए कार्यवाही टालने की मांग की।राजेश अग्रवाल पर मीसा की कंपनी मेसर्स मिशाइल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड में ‘‘शेयर प्रीमियम’’ के रूप में निवेश के लिए मध्यस्थता करने और 90 लाख रुपये की अग्रिम राशि मुहैया कराने का आरोप लगने के बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था।एजेंसी का कहना है कि जैन भाई, राजेश अग्रवाल और लालू के बेटी एवं दामाद ‘‘1.2 करोड़ रुपये के शोधन मामले में मुख्य आरोपी हैं।’’

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