Accident Claim

जयपुर। जयपुर। डीजीपी मनोज भट्ट समेत आधा दर्जन पुलिस अफसरों के खिलाफ एक इंस्पेक्टर को प्रताडि़त करने के मामले में जांच जारी रहेगी। एडीजे कोर्ट जयपुर महानगर ने राज्य सरकार की निगरानी याचिका को अस्वीकार करते हुए कहा है कि मामले में अनुसंधान जारी रहेगा। जीआरपी से रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर हरसहाय मीणा को प्रताड़ित करने तथा उसकी शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं करने को लेकर पेश किए इस्तगासे पर पुलिस का अनुसंधान जारी रहेगा। राज्य सरकार की निगरानी याचिका को पोषणीय नहीं मानते हुए एडीजे-15 बरकत अली ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने आदेश में कहा कि प्रकरण में राज्य सरकार पक्षकार नहीं है। मामले में सरकार पीड़ित भी नहीं है। इसलिए राज्य सरकार का कोई लोकस स्टैण्डाई नहीं होने से उपरोक्त निगरानी याचिका अस्वीकार कर खारिज किए जाने योग्य है।
परिवादी हरसहाय मीणा ने डीजीपी मनोज भट्ट, पुलिस अधिकारी राजेन्द्र गुप्ता, के. नरसिम्हा राव, सुधाकर जौहरी, आलोक गुप्ता, डी.सी. जैन के खिलाफ 2016 में एसीएमएम-8 कोर्ट में परिवाद पेश किया था। तत्कालीन पीठासीन अधिकारी सुमन गुप्ता ने परिवादी के सीआरपीसी की धारा 2०० में बयान लेने के बाद धारा 2०2 में जांच के लिए पुलिस थाने में 4 फरवरी, 2०17 को भिजवा दिया था। जिसका अनुसंधान एसीपी अशोक नगर की ओर से किया जा रहा है। आदेश के खिलाफ सरकार ने कोर्ट में निगरानी याचिका पेश की.

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