– राकेश कुमार शर्मा
जयपुर। राजस्थान राज्य मंत्रिमण्डल विस्तार में शनिवार को राजभवन में राज्यपाल कल्याण सिंह ने आठ नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मौजूदगी में हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यमंत्री अजय सिंह किलक और बाबूलाल वर्मा को प्रमोट करते हुए केबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई है, वहीं श्रीचंद कृपलानी व जसवंत यादव को केबिनेट मंत्री की तो बंशीधर बाजिया, कमसा मेघवाल, धनसिंह रावत, सुशील कटारा को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई है। वहीं राज्यमंत्री जीतमल खांट और अर्जुन लाल गर्ग की मंत्रिमण्डल से छुट्टी हो गई है। दोनों के इस्तीफा मंजूर कर लिए हैं। सभी मंत्रियों के विभागों का बंटवारा देर शाम होने की संभावना है। उधर, बहुप्रतीक्षित मंत्रिमण्डल विस्तार के बाद विधायकों, पार्टी-संगठन और समाजों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। विस्तार में पार्टी के वफादार और प्रभावशाली नेताओं को तवज्जों नहीं देने एवं कई क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने को लेकर भी कार्यकर्ताओं में निराशा दिखने लगी है। तीसरी बार हुए मंत्रिमण्डल विस्तार में सबसे ज्यादा निराशा ब्राह्मण, वैश्य वर्ग से जुड़े विधायकों और कार्यकर्ताओं को हुई है। विस्तार में दोनों समाज के विधायकों के मंत्री बनने की संभावनाएं जताई जा रही थी। अभी केबिनेट में ब्राह्मण समाज से अरुण चतुर्वेदी और राज्यमंत्री के तौर पर राजकुमार रिणवां हैं तो वैश्य वर्ग में केबिनेट मंत्री के तौर पर कालीचरण सराफ, किरण माहेश्वरी है। विस्तार में राज्यमंत्री राजकुमार रणवां को केबिनेट मंत्री बनाने की उम्मीद थी। साथ ही वरिष्ठ विधायक सूर्यकांता व्यास, रामलाल शर्मा, गोपाल जोशी को मंत्री बनाए जाने की उम्मीद थी। वैश्य वर्ग में विधायक मोहन लाल गुप्ता, बनवाली लाल सिंघल आदि वैश्य वर्ग विधायकों में से किसी को मंत्री पद मिलने की आस थी। आयोग-बोर्ड में भी इन वर्गों की उपेक्षा रही है। इसी तरह कोटा संभाग के प्रभावशाली गुर्जर नेता प्रहलाद गुंजल को भी मंत्रिमण्डल में लिए जाने की संभावना थी। आरक्षण को लेकर आंदोलित गुर्जर समाज को विश्वास में लेने और कोटा संभाग के दबंग नेता की छवि को देखते हुए उनके मंत्री बनने की प्रबल संभावनाएं थी, लेकिन इनके मंत्री नहीं बनने से कोटा संभाग के कार्यकर्ताओं व गुर्जर समाज को निराशा हाथ लगी है। हालांकि विस्तार में पहली बार यादव समाज को प्रतिनिधित्व देते हुए कांग्रेस से भाजपा में आए डॉ.जसवंत सिंह यादव को केबिनेट मंत्री बनाया है। इससे यादव समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है। विस्तार में अनुसूचित जाति को उचित भागीदारी देते हुए तीन विधायकों बाबूलाल वर्मा (राज्यमंत्री से केबिनेट दर्जा), कमसा मेघवाल और सुशील कटारा को मंत्री बनाया है। वहीं अनुसूचित जनजाति के विधायक धनसिंह रावत को मंत्री बनाया है। हालांकि विस्तार में मीणा समाज की तरफ से भी उनके समाज को भी प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग की जा रही थी। मीणा समाज से एकमात्र नंदलाल मीणा केबिनेट मंत्री है। उनकी वरिष्ठता को देखते हुए विभाग कमतर है।
– कई क्षेत्र अछूते रहे
मंत्रिमण्डल में शेखावाटी खासकर नागौर को खासी अहमियत मिली है। नागौर जिले से आने वाले विधायक युनूस खान, गजेन्द्र सिंह खींवसर (खींवसर निवासी) पहले से ही केबिनेट मंत्री है। अब नागौर जिले से ही विधायक व राज्यमंत्री अजय सिंह किलक को केबिनेट मंत्री की शपथ दिलाई है। सूत्रों के मुताबिक नागौर में निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए शेखावाटी क्षेत्र के जाट समाज को साधने के लिए अजय सिंह किलक को केबिनेट बनाया है। अलवर से जसवंत यादव को मंत्री बनाया है। इसी क्षेत्र से हाल ही रोहिताश्व शर्मा को जल बोर्ड का चेयरमैन बनाकर केबिनेट दर्जा दिया है। विस्तार में बीकानेर संभाग, जोधपुर संभाग और जयपुर संभाग को पहले भी और आज हुए विस्तार में भी उपेक्षा दिखी है।
– राजपूत वर्ग को सर्वाधिक भागीदारी
राज्य मंत्रिमण्डल में राजपूत वर्ग को सर्वाधिक भागीदारी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी इसी वर्ग से आती है। वहीं केबिनेट में राजेन्द्र राठौड़, गजेन्द्र सिंह खींवसर, राजपाल सिंह शेखावत के पास प्रमुख विभाग है। पुष्पेन्द्र सिंह राज्यमंत्री है। तीन प्रमुख बोर्ड के चेयरमैन भी इसी वर्ग से है। इसके बाद जाट समाज का नम्बर है। डॉ.रामप्रताप, अजय सिंह किलक, अमराराम, बंशीधर बाजिया, कृष्णेन्द्र कौर मंत्री है।

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