राजसमन्द. राजस्थान के 16 साल के क्रिकेटर की बॉलिंग प्रैक्टिस का वीडियो इन दिनों सुर्खियों में है। इस टैलेंटेड बॉय के वीडियो को राहुल गांधी ने भी ट्विटर पर शेयर किया है। राहुल ने लिखा हमारे देश के कोने-कोने में अद्भुत प्रतिभा छिपी हुई है, जिसे पहचानना और बढ़ावा देना हमारा कर्तव्य है। राहुल ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कहा कि मेरा निवेदन है, इस बच्चे का सपना साकार करने के लिए कृपया उसकी सहायता करें।
राहुल गांधी के इस ट्वीट का जवाब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी ट्वीट से ही दिया है। गहलोत ने लिखा है कि ऐसा ही होगा। हम हरसंभव प्रयास करेंगे। वहीं, राजस्थान के खेल मंत्री अशोक चांदना ने ट्वीट कर कहा है कि- खिलाड़ी को जयपुर की क्रिकेट एकेडमी में प्रवेश दिलाया जाएगा। बता दें कि वीडियो में बॉलिंग करता नजर आ रहा किशोर क्रिकेटर राजसमंद के मोजावतों का गुडा गांव का रहने वाला है।
12वीं कक्षा का छात्र भरत सिंह खरवड़ भारत की तरफ से क्रिकेट खेलना चाहता है। वह फास्ट बॉलर बनना चाहता है। संसाधनों की कमी भरत के इस वीडियो में साफ झलक रही है। भरत खुले स्थान पर नेट बांध कर सिंगल स्टंप पर प्रैक्टिस करता है। बॉलिंग की लाइन और लेंथ इतनी सटीक है कि लगभग हर बार उसकी बॉल स्टंप पर लगती है। यह वीडियो मात्र छह सेकंड का है।
16 साल के भरत सिंह ने बताया कि वह अपने ननिहाल निचली मियारी (राजसमंद) गांव में रहता है। यहां से पास ही देवपुरा गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ता है। गांव में खुली जगह में नेट बांधकर अकेले ही बॉलिंग की प्रैक्टिस करता है। पहले वह टेनिस बॉल से प्रैक्टिस करता था। पिछले एक साल से भरत लेदर बॉल से प्रैक्टिस कर रहा है। भरत सिंह के पिताजी कालू सिंह खरवड़ किसान व मां गृहिणी हैं। परिवार में चार-भाई बहन हैं। भरत सबसे बड़ा है। उसके बाद दो बहनें जमना कुमारी, सुकुना कुमारी व छोटा भाई वीरम सिंह है। भरत सिंह न केवल खेल में बल्कि पढ़ाई में भी होनहार है। इस साल 12वीं क्लास में आने वाले भरत ने 11th में 71% नंबर हासिल किए हैं।
भरत ने बताया कि उसने खुद बॉलिंग का वीडियो बनाया। यह प्रैक्टिस में मदद करता है। भरत ने कहा कि वह वीडियो बनाने के लिए मोबाइल को पत्थर पर रख देता है। उसने बताया कि वह करीब 2 साल से प्रैक्टिस कर रहा है। गांव में उसने उबड़-खाबड़ जगह को साफ कर उसने 50 मीटर में पिच बनाई। अकेला प्रैक्टिस करता था इसलिए मछली का जाल लगाकर नेट बनाया। भरत ने कहा कि वह ननिहाल जाकर भी प्रैक्टिस करता था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। मामा ने अपने पास बुला लिया। वहां भी पैसे की कमी थी इसलिए एकेडमी जॉइन नहीं कर पाया, लेकिन अभ्यास लगातार जारी रखा। अब भरत चाहता है कि उसे अच्छी एकेडमी में प्रवेश मिले, ठीक कोचिंग मिलेगी तो वह अच्छा बॉलर बन सकता है।

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