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डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर ने दिल्ली मुम्बई कॉरिडोर में लगने वाले ओएचई मास्ट के ठेके को रद्द किया। एलएण्डटी और सप्लायर कंपनी जैन स्टील कंपनी को घटिया मास्ट हटाने के आदेश दिए। जनप्रहरी एक्सप्रेस ने उजागर किया था घटिया मास्ट लगाने का मामला। पीएमओ को भेजे गए थे घोटाले के दस्तावे। जांच में शिकायत मिलने पर २६८८ मास्ट रद्द हुए और इन्हें हटाने के आदेश भी देने पड़े फ्रेट कोरीडोर को, जबकि कोरीडोर राजस्थान के अफसर खपाने में लगे थे घटिया व टेस्टिंग में फेल मास्ट को। भ्रष्टाचार के खिलाफ जनप्रहरी एक्सप्रेस की इस बड़ी जीत पर एक्सक्लुसिव रिपोर्ट….
– राकेश कुमार शर्मा
जयपुर। दिल्ली मुम्बई रेलवे कोरीडोर के तहत राजस्थान में अब घटिया ओएचई मास्ट नहीं लगेंगे और ना ही अब ट्रेक पर पड़े रहेंगे। डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर ने जनप्रहरी एक्सप्रेस में प्रकाशित समाचारों और शिकायतों की जांच के बाद २६८८ ओएचई मास्ट के ठेके को रद्द कर दिया है। साथ ही कॉन्टे्रेक्टर एलएण्डटी और मास्ट बनाने वाली कंपनी जैन स्टील्स पंजाब को आदेश दिए है कि वह रेलवे ट्रेक  के पास पड़े इन सभी मास्ट को पन्द्रह भीतर के अंदर हटाने को कहा है। डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर के समूह महाप्रबंधक वी.के.खेड़ा ने यह आदेश दिए है, साथ ही इस आदेश की एक प्रति जनप्रहरी एक्सप्रेस के एडिटर इन चीफ और धरोहर बचाओ समिति (इस संस्था के माध्यम से केन्द्र सरकार और रेलवे प्रशासन को घटिया मास्ट खपाने के दस्तावेज पेश किए) के अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को भी भिजवाई है। पत्र में यह भी कहा है कि मास्ट नहीं हटाने पर कंपनी और कॉन्ट्रेक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फ्रेट कोरीडोर के इस आदेश ने जनप्रहरी एक्सप्रेस की उन समाचारों पर मुहर लगा दी है, जिनमें घटिया मास्ट लगाने के लिए कोरीडोर, भारतीय रेलवे और कॉन्ट्रेक्टर कंपनी के अफसरों की मिलीभगत को प्रमुखता से उजागर किया था। डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर घोटाला, राजस्थान कोरीडोर में अफसरों का बड़ा खेल …टेस्टिंग में फेल हजारों मास्ट खपाने की तैयारी में, फेल मास्ट खपाने के लिए नियम ही बदल डाले शीर्षक से समाचार प्रकाशित करके जनप्रहरी एक्सप्रेस ने 28 करोड़ रुपए के घटिया मास्ट को खपाने की आपराधिक मिलीभगत को प्रमुखता से उजागर किया था।
इन समाचार पत्रों के बाद डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर ने घटिया मास्ट लगाने पर ना केवल रोक लगाई, बल्कि इनकी फिर से जांच करवाई। जांच में घटिया मास्ट की शिकायत सही पाए जाने पर फ्रेट कोरीडोर ने जैन स्टील्स कंपनी द्वारा बनाए 2688 मास्ट को रद्द कर दिया था। हालांकि इन्हें रद्द करने के बाद भी कंपनी ने घटिया मास्ट नहीं हटाए। इस कार्य में फ्रेट कोरीडोर और कॉन्ट्रेक्टर कंपनी के अफसरों की भी मिलीभगत रही, जिन्होंने घटिया मास्ट नहीं हटने दिए। अब फ्रेट कोरीडोर ने पन्द्रह दिन में मास्ट हटाने को कहा है। हालांकि अंदेशा है कि कंपनी इन्हें हटाएंगी नहीं, बल्कि दूसरी कंपनी को ये मास्ट सप्लाई कर दिए जाने की अंदेशा है। जिस तरह से एक अपराध या कहे एक झूठ को छिपाने के लिए कई झूठ व अपराध करने होते है, वैसा ही घटिया मास्ट मामले में होने की पूरी संभावना है। 28 करोड़ रुपए के इस घटिया मास्ट को खपाने के लिए कंपनी, भारतीय रेलवे के अफसर और अब नए सिरे से मास्ट सप्लाई करने वाली नई कंपनी के बीच गठजोड का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि इस पूरे मामले में जागरुक अफसरों के साथ जनप्रहरी एक्सप्रेस की पूरी टीम नजर रखे हुए है। इस मामले की शिकायत देश की शीर्ष अनुसंधान एजेन्सियों को भी दे रखी है।
– फेल मास्ट खपाने में लगे रहे अफसर…लेकिन सफल नहीं हो पाए
दिल्ली मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर (डीएमआईसीसी) के लिए राजस्थान में बिछने वाले रेलवे ट्रेक के दोनों तरफ  चालीस हजार मास्ट लगने है। जयपुर के नजदीक फुलेरा, सांभर, नीमकाथाना आदि क्षेत्रों में ये मास्ट लगने थे। पूरी कोरीडोर में कार्य का ठेका एलएण्डटी कंपनी के पास है। ओएचई मास्ट बनाने का कार्य एलएण्डटी कंपनी ने पंजाब की जैन स्टील्स को दे रखा है। पहली खेप के तौर पर जैन स्टील्स कंपनी ने 2688 मास्ट तैयार करके भेजे। भारतीय मानकों के मुताबिक ये खंभे खरे हैं या नहीं, इसके लिए इनमें से पचास खंभे छांटे गए। डीएफ सीसीआईएल प्रोजेक्ट से जुड़े एक्सपटज़्ए मैनेजर और दूसरे प्रोजेक्ट अफसरों ने इनकी टेस्टिंग की। जैन स्टील इंडस्ट्रीज की ओर से साइटों पर भेजे गए खंभों में से पचास खंभे टेस्टिंग के लिए छांटे गए। इस दौरान कंपनी के प्रतिनिथि भी मौजूद थे। जांच में पचास में से मात्र 09 खंभे ही फि ट पाए गए और शेष खंभे फेल साबित हुए।
इस आधार पर भेजे गए 2688 खंभों को लगाने लायक नहीं माना और इन्हें हटाने को कहा गया। इस रिपोर्ट के बाद भी कंपनी के प्रति वफादार कोरीडोर के अफसरों ने टेस्टिंग में फेल मास्ट नहीं हटाए, बल्कि इन घटिया और फेल मास्ट को खपाने की तैयारी में लगे रहे। इन मास्ट को खपाने के लिए डेडीकेटेड फ्रेट कोरीडोर , डीएफसीसीआईएल और पीएमसी के अफसरों ने कंपनी के कर्ताधर्ताओं से मिलीभगत करके नियम तक बदल डाले और टेस्टिंग में फेल मास्ट को खपाने की तैयारी भी कर ली। जनप्रहरी एक्सप्रेस ने अफसरों के इस आपराधिक कृत्य को समाचार पत्र में फिर से उजागर किया और इसकी शिकायतें दस्तावेजी सबूत के साथ पीएमओ, केन्द्रीय रेल मंत्री और भारतीय रेलवे बोर्ड को दी। इसके बाद भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों की भ्रष्ट कारगुजारियां थमी। जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर 2688 मास्ट को रद्द कर दिया है, साथ ही इन्हें हटाने के आदेश दिए है।

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– राकेश कुमार शर्मा, एडिटर इन चीफ जनप्रहरी एक्सप्रेस
9929103959

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