जयपुर. जयपुर के खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर 205 करोड़ रुपए की लागत से बने मेगा कोचिंग टर्मिनल में अब ट्रेनों के मेंटेनेंस का काम हाईटेक तकनीक से होगा। यहां एआई बेस्ड अंडरगियर स्कैनिंग सिस्टम लगाया गया है, जो पूरे ट्रेन के किसी भी कोच के निचले हिस्से में खराबी को सिर्फ 3 मिनट में पहचान सकेगा। इसके साथ ही एक साथ 4 कोच उठाने वाली आधुनिक लिफ्टिंग सिस्टम और बोगी ड्रॉप पिट जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। इस मेगा कोचिंग टर्मिनल का रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को उद्घाटन करेंगे। रेलवे का दावा है कि यह राजस्थान का सबसे बड़ा मेगा कोचिंग टर्मिनल है। रेलवे ने जयपुर में बढ़ती ट्रेनों की संख्या और यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए खातीपुरा स्टेशन पर मेगा कोचिंग टर्मिनल तैयार किया है। इसके बनने से वंदे भारत, अमृत भारत, डेमू, एलएचबी और अन्य सभी तरह की ट्रेनों के रैक का मेंटेनेंस एक ही जगह किया जा सकेगा। इससे जयपुर जंक्शन पर काम का दबाव भी कम होगा। मेगा कोचिंग टर्मिनल में एआई बेस्ड बॉडी अंडरगियर स्कैनिंग सिस्टम लगाया गया है। यह सिस्टम कोच के नीचे के हिस्से की जांच कर किसी भी तरह की खराबी को करीब 3 मिनट में पहचान लेगा। इससे जांच का समय कम होगा और मेंटेनेंस का काम ज्यादा तेजी से किया जा सकेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे में पहली बार दो बोगी ड्रॉप पिट मशीनें लगाई गई हैं। इनकी मदद से किसी रैक की एक बोगी या कोच को बदलने के लिए पूरे रैक को प्रभावित नहीं करना पड़ेगा। जिस कोच पर काम करना होगा उसे अलग कर सीधे मरम्मत की जा सकेगी। इससे समय की बचत होगी और काम आसान होगा। टर्मिनल में सिंक्रोनाइज्ड कोच लिफ्टिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे एक बार में 4 कोच उठाए जा सकेंगे। पहले एक-एक कोच को अलग-अलग उठाना पड़ता था। नई व्यवस्था से मेंटेनेंस का समय काफी कम हो जाएगा। मेगा कोचिंग टर्मिनल में कुल 4 पिट लाइन बनाई गई हैं। इनमें से 2 लाइनें विशेष रूप से वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए तैयार की गई हैं। इसके अलावा फोर-लेवल कैटवॉक भी बनाए गए हैं, जिससे कर्मचारियों को कोच के अलग-अलग हिस्सों तक आसानी से पहुंच मिल सके। टर्मिनल में 2 वॉशिंग लाइन, 2 इंस्पेक्शन बे लाइन, भारी मरम्मत के लिए 2 कवर्ड शेड लाइन, 7 स्टेबलिंग लाइन और 1 व्हील लेथ लाइन बनाई गई है। यहां ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट, आधुनिक क्रेन, रिट्रैक्टेबल ओएचई सिस्टम और फोर टियर एग्जामिनेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मेगा कोचिंग टर्मिनल शुरू होने से ट्रेनों का मेंटेनेंस तेज और आसान होगा। इससे ज्यादा रैक कम समय में तैयार किए जा सकेंगे, ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी और भविष्य में जयपुर से नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी मजबूत होगा।
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