Vagad festival

जयपुर। तीन दिवसीय वागड़ महोत्सव का बुधवार को डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर स्थानीय लक्ष्मण मैदान में भव्य रंगारंग शुभारंभ हुआ। पारम्पारिक वेशभूषा में देश के विभिन्न भागों से आये और स्थानीय लोक कलाकारों एवं उनके साथ विद्यालयों के बच्चों के बैंड की सुमधुर स्वर लहरियों पर थिरकते लोकनर्तकों के कदमों ने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सरोबार कर दिया।

मौका था संस्कृति और शिल्प वैशिष्ट्य की धरा डूंगरपुर के 738 वें स्थापना दिवस और वागड महोत्सव 2019 के शुभारंभ का। जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग एवं नगरपरिषद् डूंगरपुर के तत्वाधान में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय वागड़ महोत्सव का शुभारंभ बुधवार प्रातः स्थानीय लक्ष्मण मैदान में ढोल-ढमाकों, लोक वाद्यो की सुमधुर धुनों के साथ जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, डूंगरपुर विधायक श्री गणेश घोघरा, जिला कलक्टर श्री आलोक रंजन, जिला पुलिस अधीक्षक श्री जय यादव, नगरपरिषद् सभापति श्री के. के. गुप्ता, प्रधान डूंगरपुर श्री लक्ष्मण कोटेड ने फीता काटकर किया।

अतिथियों ने पुरातन एवं समृद्ध वागड़ की कला और विकास के नये आयाम स्थापित करती प्रदर्शनी के स्टॉल का अवलोकन किया तथा इसकी भरपूर सराहना की। उन्होंने वागड़ की पारम्पारिक निर्मित कलाओं का न केवल अवलोकन किया वरन उसके बारें में गहनता से जानकारी लेकर कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया।

इस अवसर पर लक्ष्मण मैदान के सुसज्जित परिसर में वागड़ के स्थानीय लोक कलाकारों एवं देश के अन्य हिस्सो से आये लोक कलाकारों के सम्मिश्रित लोक नृत्यों एवं लोक वाद्य यंत्रों की थापों से परिसर में मौजूद हर व्यक्ति के कदम खुद ब खुद थिरकने लग गये।

वागड़ महोत्सव के दूसरे दिन काव्य रस धारा से ओतप्रोत रहेगी। सायं 7.30 बजे स्थानीय कवि सम्मेलन का आयोजन लक्ष्मण मैदान में किया जाएगा। 7 नवम्बर को सागवाड़ा में भी प्रातः 10 बजे रंगोली, मेहंदी, रस्सा-कस्सी, साफा बांधना, मटका दौड़, सायं 7 बजे दीपोत्सव प्रतियोगिताओं तथा सायं 8 बजे पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के कलाकारों के द्वारा महिपाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सागवाड़ा के खेल मैदान में महोत्सव मनाया जाएगा।

वागड़ महोत्सव के तीसरे दिन जिला मुख्यालय पर 8 नवम्बर को अपराह्न 3.30 बजे लक्ष्मण मैदान से ऊंट, घोड़ो एवं पारम्पारिक वेशभूषा से सजे लोक कलाकारों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। सायं 6.30 बजे गेपसागर की पाल पर दीपदान एवं बादल महल पर आतिशबाजी तथा सायं 7.30 बजे पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के कलाकारों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के आयोजन के साथ तीन दिवसीय महोत्सव का समापन होगा।

वागड़ महोत्सव के दौरान पश्चिम सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सो से आये लगभग 104 कलाकारों द्वारा रंगारंग लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी। पर्यटन अधिकारी ने बताया कि धर्मेन्द्र सिंह मधि दल के द्वारा पंजाब के भांगडा, नदीम सागर दल के द्वारा बधाई, उमा शंकर मथुरा दल के द्वारा मयूर, उकाराम परिहार के द्वारा लाल आंगी गैर, गोपाल धानुक दल के द्वारा सहरिया स्वांग, सुरेश भाई डांग के द्वारा डांगी नृत्य तथा मीरा सपेरा दल द्वारा कालबेलिया नृत्यों का समावेश करते हुए लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएगी।

LEAVE A REPLY