इस्लामाबाद. पुलवामा में 2019 में सीआरपीएफ काफिले पर हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुजफ्फराबाद के एम्स कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उस पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के खर इलाके का रहने वाला था। वह पहले अल बद्र से जुड़ा था और बाद में अल बराक संगठन के साथ काम करने लगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से करीबी संबंध थे। बुरहान हमजा मुजफ्फराबाद के चीला बांदी इलाके में भारी सुरक्षा के बीच रह रहा था। उसके पास कमांडो सुरक्षा, बुलेटप्रूफ गाड़ी और एस्कॉर्ट वाहन भी थे। भारत ने 2022 में उसे यूएपीए के तहत आतंकी घोषित किया था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी था। सरकार के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता था और फंडिंग भी करता था। जांच एजेंसियों के अनुसार 2020 में सीआरपीएफ जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा।

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