patavaaree rahamaan

जयपुर। 35 साल पहले 1982-83 में फर्जी हस्ताक्षर कर 37 कूटरचित रिलीज आदेश तथा 7 कूटरचित वैधता विस्तार आदेशों की कूटरचना कर 31 अस्तित्वहीन फर्मो के नाम पर राशन की 99००.35 मैट्रिक टन सीमेन्ट निम्बाहेड़ा एवं कानपुर से प्राप्त कर भारत सरकार को 36 लाख रुपए की क्षति पहुंचाने के मामले में सीबीआई की एसपीई कैसेज कोर्ट में जज प्रदीप कुमार द्बितीय ने बुधवार को 5 आरोपियों को 3 साल की जेल एवं कुल 22 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने रीजनल सीमेन्ट कन्ट्रोलर नई दिल्ली के तत्कालीन लिपिक दरबानसिंह राजपूत (79) निवासी हनुमान रोड दिल्ली, अरुण कुमार पलटा (76) निवासी चण्डीगढड्ढ, सुरेन्द्र कुमार पलटा (8०) निवासी निम्बाहेड़ा-चित्तौड़गढ़, नरेन्द्र कुमार गर्ग (76) निवासी रेवाड़ी-हरियाणा एवं योगराज पंजाबी (82) निवासी जवाहर नगर-जयपुर को भारतीय दण्ड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए अधिकतम 3 साल की जेल एवं 4.4० लाख-4.4० लाख रुपए के जुर्माने की सजा से दण्डित किया है।

इस मामले में अदालत ने जालन्धर -पंजाब निवासी अशोक कुमार कपूर (77 वर्ष) व पुष्पेन्द्र कुमार खन्ना (75 वर्ष), लुधियाना-पंजाब निवासी विनोद कुमार गुप्ता (78 वर्ष) व उसके छोटे भाई अरुण कुमार गुप्ता (72 वर्ष), अम्बाला-पंजाब निवासी अनिल कुमार खत्री (74 वर्ष) तथा राजापार्क जयपुर निवासी कैलाश चन्द्र गुप्ता (76) को सन्देह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

सीबीआई के लोक अभियोजक सियाराम मीना ने बताया कि उपरोक्त सीमेन्ट घोटाले को लेकर सीबीआई ने 25 अप्रेल, 1984 को मुकदमा दर्ज कर 13 अगस्त, 1987 को व 28 जुलाई 1989 को चालान पेश किया गया। मामले में 188 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए तथा 3628 दस्तावेज पेश किए गए। जांच में सीबीआई ने 24 आरोपियों को दोषी माना। चालान पेश करने से पूर्व ही आरोपी रहे जुगल किशोर तनेजा, जोगेन्द्र सिंह, लखवीर सिंह और ओमप्रकाश की मौत हो गई थी। ट्रायल के दौरान आरोपी जगदीश लाल, सत्यदेव सागर निवासी निम्बाहेड़ा, कुंदन लाल खत्री निवासी जवाहर नगर जयपुर, एस.एस. लुम्बा निवासी हथरोई जयपुर, बी.एम. मुरारका निवासी आजाद नगर, कानपुर एवं अशोक कुमार अग्रवाल निवासी लुधियाना-पंजाब की मौत हो गई। एक आरोपी नरेन्द्र सिंह जमानत लेकर फरार हो गया। ट्रायल के दौरान एक को नाबालिग मानते हुए उसका किशोर न्याय बोर्ड को प्रकरण भेजा गया। चार्ज के समय एक आरोपी बाबूलाल को कोर्ट ने उन्मोचित कर दिया था।

LEAVE A REPLY