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जयपुर। 2०12 में 31 लाख रुपए लेकर फ्लेट बुक कर वर्ष 2०18 में निर्माण होने पर नई शर्तें थोप कर धोखाधड़ी करने के मामले में एसीएमएम-7 जयपुर मेट्रो प्रियंका पारीक ने बजाज नगर थाना पुलिस को आधा दर्जन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 42०, 4०6, 467, 468, 471 व 12० बी के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान करने के आदेश दिए हैं।

इस संबंध में राजेन्द्र मार्ग, बापू नगर स्थित कम्पनी कबाना हॉस्पिटलिटी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेन्द्र प्रकाश ने अदालत में गुरुग्राम-हरियाणा स्थित सन सिटी प्रोजेक्टस कम्पनी के प्रबंध निदेशक लक्ष्मीनारायण गोयल, निदेशक वरूण अग्रवाल व मिहिर कुमार पुरेयर, जनपथ, नई दिल्ली स्थित जय ड्रिन्कस कम्पनी के प्रबंध निदेशक अनुराग जयपुरिया एवं महावीर प्रसाद जयपुरिया तथा केप्स्टन कम्पनी की निदेशक सरला गुप्ता के खिलाफ इस्तगासा दायर किया था।

परिवादी के एडवोकेट नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि उपरोक्त तीनों कम्पनियों ने एक कोलोब्रेशन एग्रीमेंट कर बड़ा प्रोजेक्ट जेएलएन मार्ग के पास ज्वेल ऑफ इण्डिया बनाने एवं फ्लेट विक्रय करने का निर्णय लिया था। 2०12 में परिवादी ने पांच बीएचके का एक फ्लेट करीब ढाई करोड़ रुपए में मौखिक सौदा कर 26 अक्टूबर 2०12 को 31 लाख रुपए अदा कर बुकिंग कराया था। उपरोक्त प्रोजेक्ट 2०14 तक पूरा होना था। लेकिन 2०14 तक नक्श इत्यादि अप्रुव्ड ही नहीं हुए।

आरोपियों ने देरी पर एडवांस राशि पर ब्याज भी अदा करने की उसे कही। बाद में उसे फ्लेट नम्बर सी-4०2 आवंटित किया गया। आरोप है कि 14 अगस्त, 2०18 को अभियुक्तगणों ने फ्लेट देने से इंकार कर दिया। 23 अक्टूबर को इकरारनामा निष्पादन करने के लिए लीगल नोटिस दिया तो बुकिंग पेटे लिए गए 31 लाख रुपए 6 साल बाद लौटाते हुए 3०,०7,०81 रुपए के दो चेक दिए, जिन्हें परिवादी ने स्वीकार नहीं किया। परिवादी ने कम्पनियों पर नई शर्तें थोपने एवं वर्तमान रेट पर ही फ्लेट देने का आरोप लगाया है। 15 दिसम्बर को एसएचओ बजाज नगर तथा 2० दिसम्बर को पुलिस कमिश्नर को शिकायत देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई।

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