patavaaree rahamaan

जयपुर। शहर के बनीपार्क थाना इलाके में 29 फरवरी, 2012 को एक विवाहिता की शादी के 7 साल के दौरान ही संदिग्ध मौत होने के मामले में एडीजे-13 जयपुर मेट्रो सीमा जुनेजा ने गुरुवार को अभियुक्त पति मोहम्मद रफीक (32) व चाची सास शमीम पत्नी फजरुद्दीन को आईपीसी की धारा 304 बी (दहेज हत्या) में 10 साल कठोर व एक-एक लाख रुपए जुर्माना, धारा 498 ए (दहेज के लिए प्रताड़ना) में 3 साल का कठोर व 50-50 हजार का जुर्माना तथा धारा 201 (साक्ष्य नष्ट करना) के अपराध में दोषी मानते हुए 3 साल का कठोर कारावास एवं 50-50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा से दण्डित किया।

मामले में आरोपी मृतका परवीन पंवार के ससुर राजूद्दीन एवं सास नीलम को अदालत ने धारा 498 ए में 3 साल के कठोर कारावास एवं 50-50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। मृतका के पीहर वाले तथ्पाा ससुराल वाले बीकानेर के निवासी हैं तथा होटल व्यवसाय से जुड़े हुए प्रभावशाली व्यक्ति हैं। पहले भी यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा चुका है। इस चर्चित प्रकरण की जांच तत्कालीन एसएचओ राजेन्द्र सिंह, सदर एसीपी बजरंग सिंह, वैशाली नगर एसीपी विनीता, कमिश्नरेट में एसीपी मांगीलाल सहित अन्य पुलिस अफसरों ने की थी।

यह था मामला : परिवादी मृतका का बड़ा भाई शौकत पंवार के एडवोकेट अमर सिंह राजावत ने कोर्ट को बताया कि रफीक और परवीन की शादी शाही अंदाज में 10 अगस्त, 2006 को बीकानेर के लालगढ़ पैलेस में हुई थी। शादी के समय ही रफीक के परिवारजनों ने लाई गई पेट्रोल की फोर्ट आईकोन डी की जगह डीजल की फोर्ट फिएस्टा कार मांगने लगे। तत्काल ही 8 लाख रुपए नकद देने पर मामला शान्त हुआ था। आरोप है कि ससुराल में विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। 2 करोड़ रुपए नकद एवं बीकानेर शहर में एक हजार वर्गगज के भूखण्ड के लिए परवीन को मानसिक एवं शारीरिक शोषण किया गया। जिसकी कई बार शिकायतें हुई। 27 दिसम्बर, 2007 को समाज की बीकानेर में पंचायत भी रखी गई, जिसमें माफी मांग कर भविष्य में प्रताड़ित नहीं करने का भरोसा दिया था। तीन-चार बार परवीन को मोबाईल फोन दिलाया गया, लेकिन हर बार छीन लेते थ्ो। घटना के एक दिन पहले 28 फरवरी, 2012 को भी उसके साथ मारपीट की गई थी। 29 फरवरी, 2012 को परवीन की ससुराल में फांसी पर लटकने से संदिग्ध मौत हो गई थी।

LEAVE A REPLY