जयपुर. कांग्रेस की प्रदेश चुनाव समिति की पहली बैठक हुई। बैठक के बाद सीएम अशोक गहलोत ने मीडिया से बात की। विधानसभा चुनाव में युवाओं को अहमियत दिए जाने और बुजुर्गों को टिकट नहीं दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा टिकट वितरण में केवल जिताऊ को ही देखा जाएगा। यही सबसे बड़ा क्राइटेरिया होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कर्नाटक चुनाव में आपने देखा होगा, 90 साल के युवा को भी टिकट दिया गया था, चुनाव जीतकर आया। इसलिए जो जीत सकता है, उसको ही टिकट दिया जाएगा। गहलोत के इस बयान से साफ है कि उदयपुर घोषणापत्र का पालन टिकटों में नहीं होगा। आगामी विधानसभा चुनाव में युवाओं को टिकटों में प्राथमिकता देने की जगह जिताऊ का मापदंड रहेगा। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- 21 से लेकर 23 अगस्त तक ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में बैठक की जाएगी। इन कमेटियों में आए हुए आवेदनों को 24 तारीख को बैठक में पेश किया जाएगा। 25 अगस्त से प्रदेश चुनाव समिति के मेंबर जिलों में जाकर टिकट के दावेदारों पर फीडबैक लेंगे। फिर कम से कम तीन और ज्यादा से ज्यादा पांच दावेदारों का पैनल बनाया जाएगा। दरअसल, विधानसभा चुनावों में कांग्रेस जल्द टिकट फाइनल करने की तैयारी में जुट गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्यादातर टिकट आचार संहिता लगने से पहले फाइनल होने का दावा कर रहे हैं। ग्राउंड से लेकर चुनावी समितियों में एक्सरसाइज शुरू कर दी गई है। पर्यवेक्षकों और पार्टी नेताओं ने टिकटों के पैनल पर काम शुरू कर दिया है। जयपुर में अस्पताल रोड स्थित कांग्रेस वॉर रूम में हुई बैठक में डोटासरा बतौर अध्यक्ष शामिल रहे। इसमें सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, सचिन पायलट सहित चुनाव समिति में शामिल सभी नेता मौजूद थे। मीटिंग में टिकटों के पैनल बनाने, फीडबैक लेने और नाम स्क्रीनिंग कमेटी में भेजने के क्राइटेरिया पर मंथन किया गया। गहलोत ने कहा कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस कमेटी के माध्यम से कार्यकर्ता की भावना पहुंच जाती है। राहुल गांधी बार-बार कहते हैं कि जहां संभव हो, वहां पर स्थानीय निकाय और पंचायती राज के प्रधान, प्रमुख, जिला परिषद मेंबर, पंचायत समिति मेंबर या पार्षद हैं, वे भी टिकट के लिए क्लेम कर सकते हैं। उनको अवसर मिलेंगे। जिनके जीतने की संभावना होगी, उसको प्रायोरिटी दी जाएगी। जो राहुल गांधी ने कहा है, वही भावना चुनाव में आगे बढ़ेगी। चुनाव समिति की बैठक में स्क्रीनिंग कमेटी के मेंबर गणेश गोदियाल,अभिषेक दत्त भी शामिल हुए। स्क्रीनिंग कमेटी में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी और एआईसीसी के तीनों प्रभारी सचिव हैं। ये पहले से प्रदेश चुनाव समिति के मेंबर हैं। प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में आज टिकट का क्राइटेरिया फाइनल करने के साथ आगे अपनाए जाने वाले प्रोसिजर पर भी चर्चा हुई। इस बार चुनाव समिति में दावेदारों के पैनल पर ज्यादा स्क्रूटनी का दावा किया जा रहा है। पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में भी इस बात पर चर्चा हुई थी कि जल्दी टिकट फाइनल तभी हो सकते हैं, जब चुनाव समिति भी स्क्रूटनी में शामिल हो। प्रदेश प्रभारी, सीएम, प्रदेशाध्यक्ष और कुछ वरिष्ठ नेताओं ने तय किया है कि चुनाव समिति में दावेदारों के पैनल बनाकर जल्दी स्क्रीनिंग कमेटी में भेजे जाएं। इससे वहां जल्दी फैसला हो सके। प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के बाद अब जल्द स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक बुलाए जाने की संभावना है। स्क्रीनिंग कमेटी के बाद टिकट दावेदारों के नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजे जाएंगे। अंतिम फैसला दिल्ली से होगा। कांग्रेस में प्रदेश चुनाव समिति और स्क्रीनिंग कमेटी की आगे भी बैठकें होंगी। इस महीने के आखिर तक दिल्ली में कांग्रेस टिकटों पर बैठकों का दौर शुरू होगा। हालांकि सीएम अशोक गहलोत ने पिछले दिनों कहा था कि इस बार ऐसी व्यवस्था हो कि टिकटों के लिए दावेदारों को दिल्ली में ज्यादा चक्कर नहीं काटने पड़े। इसलिए जल्दी फैसला होना चाहिए।

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