मॉस्को। रूस में बीते माह हुई सैन्य बगावत के बाद बगावत के सूत्रधार वैगनर समूह के प्रमुख येवेगेनी प्रिगोझिन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच मुलाकात हुई थी। रूस की ओर से इस बात की पुष्टि भी की गयी है। यूक्रेन पर रूसी हमल के सोलह महीने बीतते-बीतते बीते माह जून में रूस को सैन्य बगावत का सामना करना पड़ा था। दरअसल यूक्रेन में रूस के लिए लड़ाई लड़ रहे वैगनर समूह के लड़ाकों ने बागी रुख अख्तियार कर लिया था। वैगनर के भाड़े के सैनिकों ने यूक्रेन में रूसी सैनिकों के साथ लड़ाई लड़ी है। प्रिगोझिन का रूस के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ लंबे समय से संघर्ष चल रहा है, जिसकी परिणति 24 जून को सशस्त्र विद्रोह में हुई। वैगनर समूह के प्रमुख प्रिगोझिन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ बगावत का ऐलान किया था। हालांकि, बेलारूस की मदद से दोनों के बीच समझौता हो गया था। प्रिगोझिन ने बेलारूस में निर्वासन के एक समझौते के बाद विद्रोह खत्म कर दिया था। उसके बाद से दोनों के बीच मुलाकात भी हुई थी। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि पुतिन और प्रिगोझिन के बीच तीन घंटे की बैठक 29 जून को हुई और इसमें प्रिगोझिन के सैन्य समूह के कमांडर भी शामिल थे। 29 जून की बैठक के दौरान पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध के मैदान में वैगनर के कार्यों और 24 जून की घटनाओं को लेकर आकलन पेश करने को कहा। राष्ट्रपति ने कमांडरों के स्पष्टीकरण भी सुने और उन्हें रोजगार और युद्ध में आगे उपयोग के विकल्प की पेशकश की। जो कुछ हुआ, उसे लेकर कमांडरों ने खुद अपना पक्ष रखा। उन्होंने रेखांकित किया कि वे देश के प्रमुख और कमांडर-इन-चीफ के कट्टर समर्थक और सैनिक हैं और यह भी कहा कि वे अपनी मातृभूमि के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं।

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