The case of not taking action against illegal buses, contempt notices to Transport Commissioner including others

जयपुर। राजस्थान रोडवेज के कर्मचारियों और संगठनों की ओर से आज से दो दिवसीय चक्काजाम हड़ताल के कारण परिवहन सेवा गडबड़ा गई है। पूरे प्रदेश में एक भी रोडवेज बस नहीं चली। लो-फ्लोर बसों ने भी रोडवेज कर्मियों का साथ दिया। जिससे परिवहन सेवाएं बेपटरी हो गई। लोगों को प्राइवेट बसों में धक्के खाने पड़े। आॅटोरिक्शा व प्राइवेट टैक्सी वालों ने भी मनमाना किराया वसूला। रोडवेज कर्मचारियों के संगठनों ने मंगलवार रात बारह बजे से ही बसों का संचालन बंद कर दिया था। जो बसें जहां थी, वहां ही रुक गई।

बस अड्डों और रोडवेज डिपो पर ही बसें खड़ी रही। सातवें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन देने, वेतन मान देने, रिटायर्ड कर्मियों को बकाया वेतनमान देने, अनाधिकृत प्राइवेट बसों के खिलाफ कार्रवाई करने जैसे एक दर्जन मांगों को लेकर कर्मचारियों ने चक्का जाम रखा है। यह चक्का जाम दो दिन तक रहेगा। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होने लगी है।

एटक के प्रदेशाध्यक्ष एमएल यादव ने बताया कि राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों एटक, सीटू, इंटक, आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन, बीजेएमएम, राजस्थान रोडवेज सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति के संयुक्त मोर्चे के साथ रोडवेज प्रबंधन एवं राज्य सरकार की तीन बार वार्ता फेल हो चुकी है। सरकार मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। यह चक्का जाम 26 जुलाई आधी रात तक रहेगा। इस दौरान कर्मचारी धरने-प्रदर्शन करते रहे। कानून व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

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