बेंगलुरु. देश की सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु में बारिश कहर बरपा रही है। यहां पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने 90 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हालात ऐसे हैं कि शहर के रिहायशी इलाकों में आलीशान बंगले और लेक्सस, बेंटले, बीएमडब्ल्यू व रेंज रोवर जैसी लग्जरी कारें आधा पानी में डूब गई हैं। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं आईटी कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम की घोषणा की है। बेंगलुरु में भारी बारिश के चलते सोमवार को 23 साल की लड़की की मौत हो गई। पानी भरी सड़क पर स्कूटी स्लिप होने के बाद उसने सपोर्ट के लिए पास लगे बिजली के खंभे को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन खंभे से करंट लगने की वजह से उसकी जान चली गई। हादसा वाइटफील्ड इलाके में शाम को हुआ, जब लड़की अपने काम से लौट रही थी। इसके अलावा बेंगलुरु में दो पुलिसकर्मी बह गए, जिनकी पहचान मुंदरागी पुलिस स्टेशन से जुड़े महेश और निंगप्पा के रूप में हुई है। मौसम विभाग ने मंगलवार को केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में 8 और 9 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में लोगों की जिंदगी थम गई है। कई इलाकों में पानी भर गया है और सड़कों पर नाव चलाने की नौबत आ गई है। बेंगलुरु में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है, जब आईटी वर्कर्स ट्रैक्टर पर दफ्तर जा रहे हैं। बेंगलुरु में लगातार बारिश के चलते बिजली और पानी की सप्लाई ठप हो गई है। बाहरी इलाकों में पानी भर गया है। जरूरी सामान की सप्लाई के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 2 दिन से ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक बाढ़ से 430 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 2,188 अन्य को आंशिक नुकसान हुआ है। करीब 225 किलोमीटर लंबी सड़कें, पुल, पुलिया और बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी ट्रैक्टरों के जरिए अपने दफ्तर जा रहे हैं। एक इम्प्लॉई ने कहा कि बारिश से हमारा काम प्रभावित हुआ है। हम 50 रुपए देकर ट्रैक्टरों से दफ्तर जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भरोसा दिलाया है कि वे इम्प्लॉइज की समस्या के बारे में आईटी कंपनियों से बात करेंगे।
बेंगलुरु में जो बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है झीलों पर होने वाला अतिक्रमण। आंकड़ों के मुताबिक बेंगलुरु में 204 झीलें हैं। इनमें से करीब 180 की संख्या ऐसी है, जिन पर अतिक्रमण का साया है। यही वजह है कि जब भी बारिश आती है तो पानी का बहाव झीलें समेट नहीं पाती हैं। कर्नाटक प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद हारिस नलपद ने राज्य की भाजपा सरकार के विरोध में बेंगलुरु में पानी में डूबी सड़क पर रबर ट्यूब पर बैठकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से शहर में गंभीर जलभराव के समाधान की मांग की। बेंगलुरु में करीब 75 इलाके पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ग्रस्त करीब 2 हजार लोग अपना घर छोड़ कर दूसरी जगहों पर जा चुके हैं। बारिश के चलते करीब 20 हजार वाहन खराब हो चुके हैं। इस बीच एक तस्वीर आई है जहां एक कंपनी के सीईओ अपने परिवार के साथ ट्रैक्टर पर सामान लादकर घर छोड़कर दूसरी जगह के लिए जाते हुए दिख रहे हैं। पूर्व सीएम व जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने भी सीएम बसवराज बोम्मई पर निशाना साधा है। कुमारस्वामी ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि बेंगलुरु झील और राजकालुवे पर अतिक्रमण को लेकर सरकार श्वेत पत्र जारी करे। साथ ही कहा कि जब करोड़ों का खर्च इस पर किया जाता है तो फिर ऐसे हालात क्यों बने हुए हैं। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बेंगलुरु की मौजूदा स्थिति के लिए पिछली कांग्रेस गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “यह पिछली कांग्रेस सरकार के कुशासन और पूरी तरह से अनियोजित प्रशासन के कारण हुआ। यह कांग्रेस सरकार के खराब प्रशासन का परिणाम है। उन्होंने झीलों को बनाए रखने के बारे में कभी नहीं सोचा। बोम्मई ने कहा कि राज्य सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए 300 करोड़ रुपए जारी करने का फैसला किया है। अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए अतिरिक्त 300 निर्धारित किए गए हैं। मौसम विभाग में वैज्ञानिक डॉ. गीता अग्निहोत्री ने बेंगलुरु के लिए आज की बारिश की रिपोर्ट जारी की। बेंगलुरु में अगले 2-3 दिनों तक भारी बारिश होगी, आज के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में अगले 5 दिनों और तीन दिनों तक भारी बारिश के अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होगी।

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